विशेषज्ञों ने फास्ट फूड से बचाव, स्तनपान और संतुलित पोषण को बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बताया जरूरी
बेगूसराय। 19 अप्रैल 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
पोषण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन: बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के बेहतर पोषण और समग्र विकास के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
फास्ट फूड से बचाव की सलाह: समारोह में बाल रोग प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ने बच्चों को फास्ट फूड, बिस्कुट, चिप्स और कुरकुरे जैसे खाद्य पदार्थों से दूर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सर्वोत्तम पोषण है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है।
माताओं के पोषण पर भी जोर: महाविद्यालय के उपाधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेना चाहिए, ताकि उसका लाभ बच्चों को मिल सके।
बाजारू खान-पान से दूर रहने की अपील: एनाटॉमी विभाग के डॉ. लाल कौशल कुमार ने बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए बाजारू खाद्य पदार्थों से बचने की जरूरत बताई। वहीं रसशास्त्र विभाग के डॉ. अनिल कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार और डॉ. अमलेश कुमार ने छोटे बच्चों को अधिक मोबाइल देखने से बचाने की सलाह दी।
मानसिक विकास में पोषण की भूमिका: प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि घर में उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के माध्यम से बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास संभव है। सह प्राध्यापक डॉ. इंदु कुमारी एवं डॉ. माधुरी कुमारी ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल और बच्चों के उचित आहार के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन एवं थीम: यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस पखवाड़ा की थीम थी — “बच्चों के जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास”।








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