आयुष्मान कार्ड निर्माण, स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण समेत कई सेवाएं मिलेंगी; दुर्गापूजा और छठ के दौरान भी शिविर लगाने का निर्देश
समस्तीपुर, 12 जून 2026 (नेशनल पॉजिटिव न्यूज़)।
जिले में 154 समेकित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन शिविरों के सफल संचालन के लिए स्थानीय पंचायती राज प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं जीविका दीदियों को घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी जिला पदाधिकारी रौशन कुशवाहा ने समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित समेकित स्वास्थ्य शिविर समन्वय समिति की प्रथम बैठक में दी। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड निर्माण, आवश्यक चिकित्सीय परामर्श तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि दुर्गापूजा और छठ पूजा के अवसर पर भी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले प्रवासी लोगों की भी स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर चलाया जा रहा यह अभियान स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार तथा आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, जीविका के जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को शिविरों में पर्याप्त चिकित्सा टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वहीं जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. निर्मल चौधरी ने सभी 154 शिविरों का माइक्रोप्लान साझा करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कैंप आयोजन की जवाबदेही बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति को दी गई है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल कुमार ने ग्रासरूट स्तर तक कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु टीम सदस्यों के दायित्वों पर चर्चा किया।
बैठक में बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति संस्था के कार्यपालक निदेशक ई. कौशलेंद्र कुमार ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविरों का संचालन दो मोड में किया जाएगा। स्थायी स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ आउटरीच गतिविधियों के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर स्क्रीनिंग भी करेंगे।
बिहार एनजीओ महासंघ के अध्यक्ष संजय कुमार बबलू ने कहा कि जिले में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल कुमार ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विभिन्न टीमों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आईसीटीसी, पीपीटीसीटी, एआरटी इकाइयों के प्रतिनिधि तथा बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के एम एंड ई रवींद्र रंजन, एसटीडी क्लीनिक के रंजीत कुमार, एआरटी की डाटा मैनेजर तन्वी सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।
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