बेगूसराय/डेस्क |29 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को भारतीय मनोविज्ञान दिवस मनाया गया। इस दिवस का उद्देश्य भारतीय मनोवैज्ञानिक परंपरा, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है। भारतीय मनोविज्ञान केवल मन और व्यवहार के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास को समान महत्व देता है।
डॉ. संगीता कुमारी मनोविज्ञान विभाग एस के महिला महाविद्यालय, बेगूसराय के अनुसार वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, चिंता, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी मानसिक समस्याओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है। भारतीय मनोविज्ञान योग, ध्यान, आत्मचिंतन, आत्मानुशासन, करुणा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से मानसिक शांति एवं आंतरिक संतुलन प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। यह व्यक्ति को स्वयं को समझने, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने और दूसरों के प्रति सहानुभूति तथा संवेदनशीलता विकसित करने की प्रेरणा देता है।
गुरु पूर्णिमा ज्ञान, मार्गदर्शन और आत्मविकास का प्रतीक मानी जाती है। इसी कारण भारतीय मनोविज्ञान दिवस का आयोजन इस अवसर पर विशेष महत्व रखता है। इस दिन लोगों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, मानसिक रोगों से जुड़े भ्रम और भेदभाव को समाप्त करने तथा प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, संवेदना और मनोवैज्ञानिक कल्याण को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। भारतीय मनोविज्ञान दिवस के अवसर पर समाज के सभी वर्गों से स्वस्थ मन, संवेदनशील समाज और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लेने की अपील की गई।






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