बेगूसराय। 25 मई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने को लेकर आपदा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरी करने का निर्देश दिया गया।
वर्षामापी यंत्र एवं मौसम केंद्र पूरी तरह सक्रिय: बैठक में बताया गया कि जिले के सभी 18 अंचलों में साधारण वर्षामापी यंत्र एवं स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित हैं। इसके साथ ही सभी 217 पंचायतों में भी स्वचालित वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं। 1 जून 2026 से जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा दैनिक वर्षापात प्रतिवेदन नियमित रूप से आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जाएगा।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी: प्रशासन ने गंगा नदी से प्रभावित 8 अंचलों—बेगूसराय सदर, बरौनी, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, बलिया, साहेबपुर कमाल एवं शाम्हो अकहा कुरहा तथा बूढ़ी गंडक नदी से प्रभावित 3 अंचलों—बखरी, नावकोठी एवं चेरिया बरियारपुर के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। इन क्षेत्रों के 37 पंचायतों एवं 2 नगर निकायों की लगभग 4 लाख आबादी और 80 हजार पशुधन की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी की जा रही है।
तटबंधों की सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्य: कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने बताया कि जिले के 5 अति संवेदनशील स्थलों पर कटाव निरोधक कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 6 अन्य स्थलों पर कार्य जारी है। अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में सभी प्रमुख तटबंध सुरक्षित पाए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने तटबंधों पर मौजूद Rathole, Foxhole एवं Raincut को तुरंत भरने तथा फ्लड फाइटिंग सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी: संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र एवं 80 राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। वहीं ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 56 स्थलों का चयन कर टीमों का गठन किया गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उलाव हवाई अड्डा, शताब्दी मैदान मंझौल एवं चमरिया मैदान बलिया सहित 15 हेलीपेड भी तैयार किए गए हैं।
नाव, पॉलीथीन शीट और SDRF की व्यवस्था: प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले में 11,885 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं तथा अतिरिक्त 30 हजार शीट की मांग की गई है। बचाव कार्यों के लिए 21 सरकारी नावें तैयार हैं। वहीं 271 निजी नावों की आवश्यकता के विरुद्ध 140 नाव मालिकों से एकरारनामा किया जा चुका है। SDRF टीम के पास 6 मोटरबोट उपलब्ध हैं, जबकि सिमरिया गंगा घाट पर 1 अतिरिक्त मोटरबोट तैनात है।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट: सिविल सर्जन द्वारा 60 चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके तहत 14 चलंत, 18 अस्थायी एवं 28 स्थायी चिकित्सा दल सक्रिय रहेंगे। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-स्नेक वेनम, क्लोरीन टैबलेट, ORS सहित 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं।
पशुपालन विभाग ने भी बढ़ाई तैयारी: पशुपालन विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 52 पशु शरण स्थलों पर चिकित्सकों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तथा पशु चारा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।
राहत राशि सीधे खाते में भेजने की तैयारी: बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रहित राहत राशि सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराने के लिए आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अब तक 1,01,056 परिवारों की सूची अपलोड की जा चुकी है। इनमें से 1,00,084 लाभुकों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है।24×7 सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्षजिला आपदा प्रबंधन शाखा अंतर्गत जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र-सह-नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना या समस्या के लिए नागरिक दूरभाष संख्या 06243-450626 एवं मोबाइल संख्या 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं।
सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश: बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संसाधनों की उपलब्धता, आपसी समन्वय एवं संचार व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।






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