UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट जारी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संकेत भी मिले
नई दिल्ली। 8 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) 2025-26′ रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार देश में अभी भी 1,00,843 स्कूल ऐसे हैं, जहां पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस संख्या में कमी दर्ज की गई है, जो शिक्षा व्यवस्था में धीरे-धीरे हो रहे सुधार का संकेत देती है।
एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में आई कमी: रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025-26 में 1,00,843 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं। जबकि 2024-25 में यह संख्या 1,04,125 थी। यानी एक वर्ष में 3,282 स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति या व्यवस्था होने से स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।
शून्य नामांकन वाले स्कूल भी घटे: शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 में 5,663 स्कूल ऐसे रहे, जिनमें एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ। यह संख्या पिछले वर्ष 2024-25 के 7,993 स्कूलों की तुलना में काफी कम है। इससे स्पष्ट है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन को बढ़ाने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है।
शिक्षकों की संख्या में 8.03 प्रतिशत की वृद्धि: रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 की तुलना में 2025-26 तक देश में शिक्षकों की संख्या में 8.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह वृद्धि छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता की असमानता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला शिक्षकों की भागीदारी बढ़ी: शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में कुल शिक्षकों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 54.09 प्रतिशत हो गई है। यह शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्त उपस्थिति का संकेत माना जा रहा है।
स्कूलों में लड़कियों का नामांकन बढ़ा: रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025-26 में स्कूलों में लड़कियों का नामांकन बढ़कर 48.04 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा शिक्षा में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सभी स्तरों पर लड़कियों की बेहतर पहुंच और भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
स्कूल प्रदर्शन में चंडीगढ़ सबसे आगे: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 के अनुसार चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बना है। इसके बाद पंजाब, केरल और दिल्ली को दूसरे सर्वोच्च प्रदर्शन वाले समूह में स्थान मिला है।
70 मानकों पर हुआ मूल्यांकन: पीजीआई 2.0 रिपोर्ट में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन छह प्रमुख क्षेत्रों के अंतर्गत 70 मानकों पर किया गया है। इनमें शामिल हैं—👉सीखने के परिणाम (Learning Outcomes)
👉शिक्षा तक पहुंच (Access)
👉आधारभूत संरचना एवं सुविधाएं
👉समानता (Equity)प्रशासनिक व्यवस्था (Governance)
👉शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण
👉देश का विशाल स्कूली शिक्षा तंत्र
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत में वर्तमान में—14.67 लाख से अधिक स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक, लगभग 24.72 करोड़ विद्यार्थी हैं। इन आंकड़ों के आधार पर भारत का स्कूली शिक्षा तंत्र दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा नेटवर्कों में शामिल है।
मुख्य आंकड़े (एक नजर में): केवल एक शिक्षक वाले स्कूल (2025-26)1,00,843 👉 केवल एक शिक्षक वाले स्कूल (2024-25)1,04,125 👉शून्य नामांकन वाले स्कूल (2025-26) 5,663 👉 शून्य नामांकन वाले स्कूल (2024-25) 7,993 👉 शिक्षकों की वृद्धि (2022-23 से 2025-26) 8.03% 👉महिला शिक्षकों की हिस्सेदारी 54.09% 👉लड़कियों का नामांकन 48.04% 👉कुल स्कूल 14.67 लाख+कुल शिक्षक1.03 करोड़ 👉कुल विद्यार्थी 24.72 करोड़






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