नई दिल्ली | 30 जुलाई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
भारत ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉम्पिटेरे फाउंडेशन (Competere Foundation) की ‘भारत की अगली विकास सीमा : भारत की 2010–2023 सुधार यात्रा के आधार पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी बाजार विकृतियों में कमी’ शीर्षक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2010 से 2023 के बीच किए गए संरचनात्मक एवं प्रतिस्पर्धा समर्थक सुधारों के कारण भारत 82वें स्थान से 57वें स्थान पर पहुंच गया है।
सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL), भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT), नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जारी इस रिपोर्ट में GST, दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (IBC), नियामकीय सुधार और व्यापार सुविधा प्रणालियों के आधुनिकीकरण को इस प्रगति के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में सीटीआईएल के प्रमुख डॉ. जेम्स जे. नेडुमपारा, लद्दाख के राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव सुधांशु पांडेय तथा कॉम्पिटेरे फाउंडेशन के अध्यक्ष शंकर सिंघम ने भारत की सुधार यात्रा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर अपने विचार रखे।






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