बेगूसराय। 19 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। शनिवार को कारगिल विजय सभा भवन में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की समीक्षा बैठक हुई। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में निजी स्कूलों की फीस, माप-तौल, खाद्य सुरक्षा, आयुष्मान अस्पतालों की सुविधाओं और जन वितरण प्रणाली समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई।
डीएम ने अधिकारियों को उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने की सुविधाओं के प्रति जागरूक करने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
माप-तौल से निजी स्कूलों की फीस तक होगी जांच: बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी को टोल फ्री नंबर 1915, UMANG Portal और e-Jagriti के बारे में लोगों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
जिले में 272 प्रतिष्ठानों की जांच: जिला माप-तौल पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष में अब तक जिले में 272 प्रतिष्ठानों की जांच की गई है। इनमें 58 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया और 22 मामलों में केस दर्ज किया गया है। डीएम ने नियमित रूप से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच करने और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने को कहा।
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में बिजली, बीमा और चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामले अधिक आने की जानकारी दी गई। डीएम ने मामलों की विषयवार और वर्गीकृत सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
निजी विद्यालयों में फीस वृद्धि और अन्य शुल्कों की भी समीक्षा: 556 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में फीस वृद्धि और अन्य शुल्कों की भी समीक्षा हुई। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निजी स्कूलों की निर्धारित फीस और फीस वृद्धि की जांच करने को कहा गया। कृषि भूमि पर संचालित निजी विद्यालयों के भूमि संपरिवर्तन की स्थिति की भी जांच होगी।
आयुष्मान अस्पताल और राशन वितरण पर भी निगरानी: आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 39 आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों में पैकेज के तहत मिलने वाली लैब जांच और डायग्नोस्टिक सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पैकेज में शामिल आवश्यक जांच अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाए और मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर न भेजा जाए।
खाद्य सुरक्षा की समीक्षा में बताया गया कि बेगूसराय के फूड इंस्पेक्टर के पास पांच अन्य जिलों का भी प्रभार है। डीएम ने रोस्टर के अनुसार फूड इंस्पेक्टर को सप्ताह में कम से कम दो दिन बेगूसराय में रहकर छापेमारी और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने का निर्देश दिया।
जन वितरण प्रणाली में कम मात्रा और गुणवत्ताविहीन खाद्यान्न मिलने की शिकायतों पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए। माप-तौल पदाधिकारी को हर सप्ताह कम से कम पांच पीडीएस दुकानों की माप-तौल जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपविकास आयुक्त आकाश चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट अगली बैठक से पहले जिला आपूर्ति पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।





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