बेगूसराय, 24 मई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) बेगूसराय शाखा के तत्वावधान में शहर के केप्शन होटल के सभागार में “दंत इम्प्लांटोलॉजी” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पटना से आए शिक्षाविद एवं प्रख्यात इम्प्लांटोलॉजिस्ट डॉ. आलोक सुमन ने दंत प्रत्यारोपण (Dental Implant) की आधुनिक तकनीकों और नई पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी।

संगोष्ठी में बेगूसराय के कई प्रतिष्ठित दंत चिकित्सकों ने भाग लिया। इनमें डॉ. मुरारी मोहन, डॉ. अविनाश, डॉ. बलवन, डॉ. अमित, डॉ. आशीष सुमन, डॉ. रजनी वर्णवाल सहित अन्य दंत चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मुरारी मोहन ने कहा कि इस प्रकार का एक दिवसीय सेमिनार दंत चिकित्सा क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दंत रोगियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा और आने वाले समय में जिन लोगों के दाँत टूट चुके हैं या निकल चुके हैं, उनके लिए यह तकनीक काफी फायदेमंद सिद्ध होगी।

वहीं पटना से आए डॉ. आलोक सुमन ने चिकित्सकों को दंत इम्प्लांट के नए तरीकों और तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला के दौरान दंत इम्प्लांट की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया और आधुनिक उपचार पद्धति पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया।
क्या होता है दंत इम्प्लांट?
दंत इम्प्लांट एक आधुनिक दंत उपचार तकनीक है, जिसमें टूटे या खो चुके दाँत की जगह कृत्रिम दाँत लगाया जाता है। इसमें जबड़े की हड्डी में टाइटेनियम का विशेष स्क्रू लगाया जाता है, जो दाँत की जड़ का काम करता है। इसके ऊपर एक कृत्रिम दाँत (क्राउन) लगाया जाता है, जो देखने और कार्य करने में लगभग प्राकृतिक दाँत जैसा होता है।
दंत इम्प्लांट के फायदे:
यह प्राकृतिक दाँत जैसा दिखाई देता है।
खाना चबाने और बोलने में आसानी होती है।
लंबे समय तक टिकाऊ रहता है।
आसपास के स्वस्थ दाँतों को नुकसान नहीं पहुँचता।
चेहरे की बनावट और मुस्कान बेहतर बनी रहती है।
आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
दंत विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक इम्प्लांट तकनीक दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई क्रांति मानी जा रही है, जिससे मरीजों को स्थायी और बेहतर समाधान मिल सकेगा।






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