बेगूसराय | 14 अप्रैल 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिला प्रशासन का सख्त रुख: बेगूसराय जिला प्रशासन ने निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के तहत किसी भी सत्र में 7% से अधिक फीस वृद्धि नहीं की जा सकती।
अवैध शुल्क पर प्रतिबंध: प्रोन्नति के समय री-एडमिशन फीस या कैपिटेशन शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताब, ड्रेस या सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
पारदर्शिता के निर्देश: सभी निजी विद्यालयों को 15 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर कक्षावार किताबों की सूची, ड्रेस की जानकारी और पूरी फीस संरचना प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। ड्रेस में कम से कम तीन वर्षों तक बदलाव नहीं करने को भी कहा गया है।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई: नियम तोड़ने पर पहली बार एक लाख रुपये और दोबारा उल्लंघन पर दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार उल्लंघन की स्थिति में विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी के आदेश: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।






Total views : 79963