उच्च जोखिम समूहों को मिल रही सेवाओं का हुआ निरीक्षण, हॉटस्पॉट भ्रमण कर ली गई जमीनी हकीकत की जानकारी
बेगूसराय, 29 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिले में बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति द्वारा संचालित लक्षित हस्तक्षेप (Targeted Intervention) परियोजना की वार्षिक गतिविधियों का मूल्यांकन करने के लिए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को पहुंची। टीम का नेतृत्व उपनिदेशक (CST) डॉ. राजेश कुमार सिन्हा कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने संस्था द्वारा उच्च जोखिम समूह (High Risk Group) को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का गहन मूल्यांकन किया। साथ ही विभिन्न हॉटस्पॉट क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया।
टीम ने लाभुकों से सीधे संवाद कर सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता की जानकारी भी ली। लाभुकों ने बताया कि उन्हें एचआईवी से बचाव से संबंधित सभी आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस दौरान जांच दल ने परियोजना के अंशकालिक चिकित्सक डॉ. रीता कुमारी के साथ एसटीआई नियंत्रण और सिफलिस के उपचार को लेकर विस्तृत चर्चा की।
इसके अलावा टीम ने एचआईवी जांच, व्यवहार परिवर्तन संचार, कंडोम प्रमोशन, रेफरल सेवाएं, अनुकूल वातावरण निर्माण और सामुदायिक सहभागिता जैसे विभिन्न पहलुओं का भौतिक सत्यापन किया।
जांच दल में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक प्रकोष्ठ के प्रबोध कुमार एवं सीएसटी डिवीजन के तापस भी शामिल थे। निरीक्षण के बाद टीम ने संस्था द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन को सही पाया और कार्यों की सराहना की। साथ ही बेहतर प्रदर्शन को निरंतर बनाए रखने का सुझाव दिया।
निरीक्षण के दौरान संस्था के परियोजना प्रबंधक मनीष कुमार, परामर्शदाता अंबिका कुमारी, एम एंड ई टीम, आउटरीच वर्कर्स, पियर एजुकेटर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।








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