बेगूसराय। 24 जून 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय के सदर अस्पताल में इलाजरत गैंगरेप पीड़िता से मिलने बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ऋषिकांत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीड़िता एवं उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा इलाज एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने पीड़िता से बातचीत करते हुए पूछा कि इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है तथा चिकित्सकों द्वारा उपचार में कोई कोताही तो नहीं बरती जा रही है। उन्होंने पीड़िता के परिजनों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से ₹3 लाख की अंतरिम राहत राशि पीड़िता के खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। इस संबंध में राशि का वाउचर भी उनके पति को सौंपा गया।
न्यायाधीश ऋषिकांत ने सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार एवं उनकी टीम को निर्देश दिया कि पीड़िता के इलाज की सर्वोत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुनर्वास के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल डीएलएसए को सूचित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इलाज पूरा होने के बाद पीड़िता को घर भेजने से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
पीड़िता के परिजनों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि अंतरिम राहत राशि का उपयोग पीड़िता के स्वास्थ्य, पोषण एवं पुनर्वास के कार्यों में किया जाए तथा इसका दुरुपयोग न हो।मामले की जांच को लेकर भी उन्होंने उपस्थित अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) एवं थाना अध्यक्ष को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा केस के अनुसंधान में तेजी लाने पर बल दिया। वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार ने आश्वस्त किया कि पीड़िता के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भी उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी समय-समय पर डीएलएसए को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मौके पर चिकित्सक डॉ. गोपाल मिश्रा, डॉ. ब्रजेश कुमार तथा सदर अस्पताल के प्रबंधक पंकज कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।






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