बेगूसराय | 07 अगस्त | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर की 85वीं पुण्यतिथि पर शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति के तत्वावधान में सर्वोदय नगर, बेगूसराय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेपी सेनानी, संपूर्ण क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एवं शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर भारतीय साहित्य, शिक्षा और संस्कृति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने बताया कि ठाकुर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोरासांको ठाकुर परिवार में हुआ था।
उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना की, जो आगे चलकर विश्वभारती विश्वविद्यालय के रूप में विश्व प्रसिद्ध हुआ। उनकी प्रमुख कृतियों में गीतांजलि, गोरा, घरे-बाइरे, चोखेर बाली, काबुलीवाला, डाकघर, स्ट्रे बर्ड्स और द क्रेसेंट मून शामिल हैं। वर्ष 1913 में गीतांजलि के लिए उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ और वे नोबेल सम्मान पाने वाले पहले एशियाई साहित्यकार बने।
महिला सेल की सचिव सुनीता देवी ने कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने साहित्य और विचारों के माध्यम से नारी सम्मान, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को नई दिशा दी। वहीं कवयित्री पल्लवी राज ने कहा कि वे केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी शिक्षाविद्, दार्शनिक और मानवतावादी भी थे, जिनकी रचनाएं आज भी नई पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में रोटी बैंक सहयोग समिति के पवन शर्मा, समाजसेवी रवि पोद्दार गांधी, दधीचि देहदान समिति के जिलाध्यक्ष सुशील राय, जेपी सेनानी जिला अध्यक्ष राजेंद्र महतो, अनाया सिंह एवं कवयित्री पल्लवी राज सहित अनेक गणमान्य लोगों ने विश्वकवि को श्रद्धांजलि अर्पित की।







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