सरस्वती संस्कृत उच्च विद्यालय में 75 वर्ष पुरानी पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कार्य, 613 पांडुलिपियां चिन्हित
बेगूसराय, 29 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बुधवार को बेगूसराय जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सरस्वती संस्कृत उच्च विद्यालय, बेगूसराय का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारत सरकार के ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान डीएम ने विद्यालय के वर्ग कक्ष, पुस्तकालय एवं भवन का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ज्ञान भारतम मिशन की जानकारी: इस अवसर पर जिला संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार साहनी ने बताया कि सरकार द्वारा 75 वर्ष से अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों को संरक्षित और सूचीबद्ध करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए ‘ज्ञान भारतम पोर्टल’ के माध्यम से पांडुलिपियों को अपलोड कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य में शोध और अध्ययन में सुविधा होगी।
नालंदा क्लस्टर के तहत कार्य: उन्होंने आगे बताया कि नव नालंदा महाविहार, नालंदा को इस परियोजना का क्लस्टर बनाया गया है। इसके अंतर्गत कुल 14 जिलों में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। नालंदा से आई टीम के सदस्य विकास सिंह ने जानकारी दी कि बेगूसराय में पहले 588 पांडुलिपियां चिन्हित की गई थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 613 हो गई है।
विद्यालय में दुर्लभ पांडुलिपियां: विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार ने डीएम को देवनागरी, तिरहुता/मिथिलाक्षर लिपि में लिखी गई दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन कराया। इसके साथ ही गणित और ज्यामिति से संबंधित हस्तलिखित पांडुलिपियां भी प्रदर्शित की गईं, जो इस संस्थान की समृद्ध शैक्षणिक विरासत को दर्शाती हैं। इस मौके पर टीम के सदस्य सुशांत कुमार, प्रधानाध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार, शिक्षक सुरेश पाठक सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी उपस्थित रहे।






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