मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक कार्यों में तेजी, सुरक्षा व्यवस्था, ई-कोर्ट सुविधाओं और नए कोर्ट परिसर के विकास को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
बेगूसराय, 19 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू अपनी धर्मपत्नी के साथ बेगूसराय पहुंचे। उनके साथ न्यायमूर्ति गुन्नू अनुपमा चक्रवर्ती, न्यायमूर्ति सुरेन्द्र पांडेय एवं न्यायमूर्ति रितेश कुमार भी अपने-अपने जीवनसाथियों के साथ उपस्थित रहे। इसके अलावा पटना उच्च न्यायालय के अन्य पदाधिकारी भी इस दौरे में शामिल हुए।

न्यायिक पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक: जिला अतिथि गृह में आयोजित बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत पांडेय सहित न्यायमंडल के सभी प्रमुख न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, पुलिस अधीक्षक मनीष, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि और अधिवक्ता भी बैठक में शामिल हुए।
लंबित मामलों के शीघ्र निपटान पर जोर: बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक कार्यों में तेजी लाने और वादियों को समयबद्ध न्याय देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निपटान के निर्देश दिए। साथ ही केस मैनेजमेंट सिस्टम के कड़ाई से अनुपालन की आवश्यकता बताई, ताकि अनावश्यक स्थगन से बचा जा सके।

सुरक्षा और गवाह संरक्षण पर निर्देश: न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने न्यायालय और आवासीय परिसरों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस अधीक्षक को नियमित मॉक ड्रिल, सीसीटीवी स्थापना और प्रवेश व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही गवाहों की सुरक्षा और समन प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया।
नए कोर्ट परिसर और आधारभूत ढांचे पर पहल: मुख्य न्यायाधीश ने जिला पदाधिकारी को नए कोर्ट परिसर के लिए 10 एकड़ भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया। साथ ही न्यायिक अधिकारियों के लिए बन रहे आवास को जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने आधुनिक कोर्ट रूम, ई-कोर्ट सुविधाएं, अभिलेखागार और वादियों के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास पर बल दिया।

पीड़ितों के अधिकार और VWDC पर जोर: एसिड अटैक पीड़ितों को समय पर मुआवजा देने और किसी भी पात्र लाभार्थी को वंचित न रखने की बात कही गई। साथ ही Vulnerable Witness Deposition Centres (VWDCs) के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बार एसोसिएशन की मांगों पर सकारात्मक रुख: बार एसोसिएशन द्वारा उठाए गए पुस्तकालय उन्नयन, चेंबर आवंटन और ई-फाइलिंग जैसे मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश ने सकारात्मक रुख दिखाया। दोनों बार एसोसिएशन में जल्द ई-लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया।
लोक अदालत को लेकर विशेष आह्वान: मुख्य न्यायाधीश ने आगामी 9 मई 2026 को आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निपटान के लिए तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार और ADR तंत्र के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
नई ऊर्जा का संचार: मुख्य न्यायाधीश के दूरदर्शी निर्देशों और संवेदनशील दृष्टिकोण से बेगूसराय के विधिक समुदाय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। न्यायपालिका, प्रशासन और बार के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







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