बेगूसराय, 2 नवंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय के उलाव स्थित माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में आयोजित 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के पहले दिन विज्ञान, नवाचार, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा एवं प्राचार्या डॉ. शीतल अग्रवाल के नेतृत्व में किया जा रहा है।

कार्यक्रम के पहले दिन का प्रमुख आकर्षण ‘फेस टू फेस’ संवाद सत्र रहा। इसमें देश और राज्य के प्रख्यात वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों ने बाल वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। बच्चों ने अपनी शोध परियोजनाओं, प्रयोगों और तकनीकी चुनौतियों से जुड़े सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस संवाद से बच्चों को अपने शोध को बेहतर बनाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिला।
वहीं, शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘मिलन’ में विद्यालय की ओर से प्रस्तुत विशेष कार्यक्रम ‘विज्ञान तरंग‘ आकर्षण का केंद्र रहा। इसकी खास बात यह रही कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य विषय ‘Science and Innovation for Sustainability’ (सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार) पर आधारित थीं।

विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के पुनः उपयोग और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और शोध परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से भी वैज्ञानिक चेतना का प्रसार किया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री एवं बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह तथा बेगूसराय के विधायक कुंदन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनीष की भी मौजूदगी रही। बच्चों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने अतिथियों को प्रभावित किया। पुलिस अधीक्षक मनीष भी बच्चों की प्रस्तुतियों को अपने कैमरे में कैद करते नजर आए।
विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा एवं प्राचार्या डॉ. शीतल अग्रवाल के मार्गदर्शन में विद्यालय परिवार आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं, साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार के मार्गदर्शन में राज्य आयोजन समिति और विभिन्न जिलों से आए समन्वयकों की टीम कार्यक्रम का संचालन कर रही है।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का पहला दिन इस मायने में खास रहा कि यहां विज्ञान, शिक्षा, कला और संस्कृति को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। देश के विभिन्न जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों के लिए सांस्कृतिक संध्या ‘मिलन’ आपसी परिचय, मित्रता और अनुभवों के आदान-प्रदान का यादगार अवसर बनी।







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