जमुई, 24 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जमुई में छात्र-छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी की घटना को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। मामले में आरोपितों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल कराने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई है।
समाहरणालय के सभा कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी नवीन ने घटना को अत्यंत अशोभनीय और पीड़ादायक बताते हुए कहा कि इस घटना से जमुई के साथ-साथ बिहार की छवि भी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना से जुड़े पांच लोगों तथा घटना से संबंधित वीडियो बनाकर वायरल करने वाले तीन लोगों सहित कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मामले में नामित आरोपितों को शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य से स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच के लिए डीडीसी शिप्रा विजय कुमार चौधरी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि एसडीपीओ दीप्ति मोनाली को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाया गया है।
डीएम ने कहा कि मामले में विधि सम्मत कार्रवाई जारी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वहीं, एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित रील, एआई से तैयार तस्वीर या अन्य आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने लोगों से पीड़िता की निजता का सम्मान करने और घटना से संबंधित किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले का अनुसंधान स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
— नेशनल पॉजिटिव न्यूज़





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