बेगूसराय। 15 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बरौनी नगर परिषद क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने इन आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर नगर परिषद बरौनी में सीसीटीवी कैमरों की आपूर्ति और अधिष्ठापन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
GeM पोर्टल से हुई निविदा प्रक्रिया: नगर कार्यपालक पदाधिकारी के अनुसार सीसीटीवी कैमरों की आपूर्ति और अधिष्ठापन के लिए GeM पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत निविदा जारी की गई थी। GeM Bid संख्या GEM/2025/B/6140170 के माध्यम से 229 कैमरों की आपूर्ति और अधिष्ठापन की निविदा प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद चयनित एजेंसी को नियमानुसार कार्यादेश दिया गया।
नगर क्षेत्र में सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए निविदा की शर्तों के अनुसार 25 प्रतिशत अतिरिक्त कैमरों की आपूर्ति और अधिष्ठापन का दूसरा कार्यादेश भी जारी किया गया। इसके तहत 57 अतिरिक्त कैमरे उपलब्ध कराए गए। इस तरह नगर परिषद क्षेत्र में कुल 286 सीसीटीवी कैमरों की आपूर्ति की गई है।
सिर्फ कैमरों की कीमत नहीं, पूरी निगरानी व्यवस्था शामिल: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर निविदा की कुल राशि को केवल कैमरों की खरीद की कीमत बताकर पेश किया जा रहा है। जबकि निविदा राशि में कैमरों के साथ पूरी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने और उसके संचालन का खर्च भी शामिल है।
इसमें कैमरों के अलावा पोल, विद्युत व्यवस्था, पावर एवं स्टोरेज बैकअप, सर्वर रूम और उसके संचालन के लिए कर्मियों की व्यवस्था शामिल है। अलग-अलग विशिष्टियों वाले कैमरों के साथ फाइबर केबल, आरजे-45 कनेक्टर, 65 इंच एलईडी डिस्प्ले और अन्य आवश्यक उपकरणों की लागत भी इसमें शामिल है।
चयनित एजेंसी को पूरी निगरानी प्रणाली के संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी भी दी गई है। प्रशासन ने कहा कि पूरी परियोजना की राशि को केवल कैमरों की कीमत के रूप में बताना वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करना है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।






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