बेगूसराय, 06 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की पूर्व तैयारियों को लेकर रविवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, बेगूसराय रामकृपाल यादव ने की। बैठक में जिला पदाधिकारी रिची पांडेय, बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता, तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार, नगर निगम की महापौर पिंकी देवी, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
8 अंचलों के 189 गांव और 325 वार्ड बाढ़ प्रभावित:
बैठक में बताया गया कि जिले के 8 अंचलों—बेगूसराय सदर, बछवाड़ा, साहेबपुर कमाल, बलिया, तेघड़ा, मटिहानी, बरौनी एवं शाम्हो अकहा कुरहा के अंतर्गत 37 ग्राम पंचायतें तथा 2 नगर निकाय बाढ़ से प्रभावित हैं। वर्तमान में 189 गांवों एवं 325 वार्डों की कुल 3,80,980 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सूखा राशन एवं अन्य जरूरी सामग्री शीघ्र पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
85 सामुदायिक रसोई से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन:
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं भोजन की व्यवस्था के लिए 85 सामुदायिक रसोई वर्तमान में संचालित हैं। इनमें बलिया में 30, बछवाड़ा में 17, मटिहानी में 11, तेघड़ा में 9, बेगूसराय सदर में 6, साहेबपुर कमाल में 6 तथा बरौनी में 6 सामुदायिक रसोई शामिल हैं।
इसके अलावा जिले में कुल 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ड्राई राशन और फूड पैकेट तैयार करने के लिए अनुमंडलवार 26 स्थानों पर टीमें गठित की गई हैं। आपात स्थिति में एयरड्रॉपिंग के लिए 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
260 नावें और 7 मोटरबोट राहत कार्य में तैनात: बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जिले में 41,880 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं, जिनमें से 1,290 का वितरण किया जा चुका है। राहत एवं आवागमन के लिए कुल 260 नावें अनुबंधित हैं, जिनमें 21 सरकारी और 239 निजी नावें शामिल हैं। वर्तमान में 223 नावें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार परिचालित हैं।
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए 7 मोटरबोट, 155 लाइफ जैकेट/लाइफबॉय और 92 प्रशिक्षित गोताखोर सहित राहत दलों को मुस्तैद रखा गया है।
तटबंधों की सुरक्षा की समीक्षा में बताया गया कि जिले में स्थित सभी 20 तटबंध सुरक्षित हैं। इनमें 10 मुख्य तटबंधों की कुल लंबाई 168.67 किलोमीटर तथा 10 जमींदारी बांधों की कुल लंबाई 47.44 किलोमीटर है।
470 सड़कों की मरम्मत पूरी, 1,057 पुल-पुलियों के वेंट साफ
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता के लिए 5 टैंकर, अस्थायी चापाकल और पीवीसी सिंटेक्स टैंक लगाए गए हैं। जिले में कुल 492 क्षतिग्रस्त अथवा मरम्मत योग्य सड़कों में से 470 सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, जबकि शेष पर कार्य जारी है।
वहीं, 1,057 पुल-पुलियों के वेंट की सफाई पूरी कर जल निकासी व्यवस्था को सुचारू रखा गया है। कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार रखी है तथा जरूरत के अनुसार वैकल्पिक फसलों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
24×7 सक्रिय हैं आपातकालीन नियंत्रण कक्ष: जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने बैठक में जिले की बाढ़ स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर आपातकालीन नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों की तैनाती की जा रही है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC), बेगूसराय से संपर्क करें।
DEOC, बेगूसराय:
दूरभाष: 06243-450626
मोबाइल: 9279808780






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