बेगूसराय | 05 अगस्त 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को स्व. विश्वनाथ सिंह शर्मा महाविद्यालय, बेगूसराय में दूसरे दिन भी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने महासचिव डॉ. नीलेश कुमार के नेतृत्व में काला बिल्ला लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा, पटना के नेतृत्व में चल रहे क्रमागत प्रदर्शन का हिस्सा है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर तब तक विरोध जारी रहेगा, जब तक सरकार इसके वर्तमान प्रारूप को वापस नहीं लेती। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक को लागू करने से पहले शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
उनका कहना था कि किसी भी उच्च शिक्षा कानून का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना होना चाहिए।शिक्षक संघ के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि शिक्षक समुदाय उच्च शिक्षा के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और सरकार से शिक्षकों की भावनाओं एवं सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा करता है।
प्रदर्शन में डॉ. अशोक कुमार, डॉ. संजय भगत, डॉ. विवेक कुमार सिन्हा, डॉ. रुचि जैन, डॉ. विद्यासागर, डॉ. आरुणि कुमार, डॉ. राम विनोद, डॉ. सईदा रहमान, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. महालक्ष्मी, डॉ. रूपेश कुमार, डॉ. गोविंद कुमार पासवान, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. रॉली कुमारी, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. रंजना, डॉ. मो. परवेज, डॉ. रोमाना आफरीन, मो. अताउल्ला, डॉ. धनंजय कुमार, डॉ. सौरभ घोष, डॉ. जयराम प्रसाद, डॉ. गुड़िया कुमारी, डॉ. ऊषा किरण, डॉ. अजय कुमार सिंह, शिक्षकेत्तर कर्मी संघ के इकाई अध्यक्ष मो. अजमल, इकाई सचिव मुकेश जी, लेखापाल धीरज कुमार, प्रधान लिपिक अमित कुमार, राजीव कुमार, समीर कुमार, स्वाति कुमारी, रामसेवक, भानु चौधरी, कुमार गौरव, अरुण मालाकार, अनिल पोद्दार, कारी सिंह एवं सलित झा सहित सभी कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।





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