वीरपुर थाना कांड संख्या-49/2021 में गठित एसआईटी ने कस्तूरबा विद्यालय का किया निरीक्षण, घटनास्थल और सभी कमरों की बारीकी से जांच शुरू की।
बेगूसराय। 13 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बहुचर्चित वीरपुर थाना कांड संख्या-49/2021 की De Novo (नई सिरे से) जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मगध क्षेत्र, गया विकास वैभव गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) के साथ वीरपुर स्थित कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे और मामले की पुनः जांच की औपचारिक शुरुआत की।

जांच के दौरान आईजी विकास वैभव ने एसआईटी के अधिकारियों के साथ विद्यालय के सभी कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने पूरे विद्यालय परिसर का मुआयना किया तथा उस स्थान की भी गहन जांच की, जहां वर्ष 2021 में वार्डन का शव मिला था। इसके अलावा मामले से जुड़े कई लोगों से बातचीत कर आवश्यक जानकारी भी जुटाई गई।

यह मामला 4 अप्रैल 2021 का है, जब वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जांच से असंतुष्ट मृतका की पुत्री तेजस्विनी कुमारी ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पुलिस जांच पर सवाल उठाए थे। सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने पाया कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों की समुचित जांच नहीं की गई थी। इसके बाद न्यायालय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले की De Novo (नई सिरे से) जांच का आदेश दिया और निष्पक्ष एवं प्रभावी अनुसंधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट के 8 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुपालन में गठित एसआईटी ने 13 जुलाई 2026 से मामले की पुनः जांच शुरू कर दी है। आईजी विकास वैभव ने एसआईटी के साथ बैठक कर अब तक की जांच, उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा आगे की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा भी की। आई जी विकास बैभव ने बताया कि पुनः जांच के दौरान सभी उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक तथ्यों का नए सिरे से परीक्षण किया जाएगा, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जा सके।






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