बेगूसराय, 08 मई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, बेगूसराय द्वारा कंकौल स्थित आर्ट गैलरी प्रेक्षा भवन में एक विशाल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 700 लोगों की सहभागिता रही, जिनमें 50 थैलेसीमिया मरीज, 600 नर्सिंग छात्र-छात्राएं तथा स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह थे। इस अवसर पर विधान पार्षद सर्वेश सिंह, जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, सिविल सर्जन, डीआईओ, सीडीओ, एनसीडीओ, डीपीएम समेत स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी: कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें डॉ. प्राची, डॉ. भाव्या, डॉ. निशांत, डॉ. मृत्युंजय, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. प्रभात एवं डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से थैलेसीमिया की रोकथाम, पहचान, उपचार एवं जागरूकता पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त रोग है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर में एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो जाती है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यदि माता और पिता दोनों “थैलेसीमिया माइनर” हों, तो बच्चे में “थैलेसीमिया मेजर” होने की संभावना बढ़ जाती है।
जांच और जागरूकता पर दिया गया जोर: कार्यक्रम में बताया गया कि यह रोग संक्रामक नहीं है तथा छूने, साथ रहने या भोजन साझा करने से नहीं फैलता। विशेषज्ञों ने अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण, त्वचा का पीला पड़ना, बच्चों की धीमी शारीरिक वृद्धि, सांस फूलना और तिल्ली बढ़ने जैसे प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। साथ ही CBC, Hb Electrophoresis/HPLC, Serum Ferritin एवं Prenatal Screening जैसी आवश्यक जांचों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। चिकित्सकों ने विवाह पूर्व जांच, गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग, जन-जागरूकता और Genetic Counselling को थैलेसीमिया रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय बताया।
नियमित इलाज और बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर चर्चा: विशेषज्ञों ने बताया कि थैलेसीमिया मरीजों को नियमित Blood Transfusion, Iron Chelation Therapy और फोलिक एसिड दवाओं की आवश्यकता पड़ती है। कुछ गंभीर मामलों में Bone Marrow Transplant भी उपचार का प्रभावी विकल्प हो सकता है। कार्यक्रम में “थैलेसीमिया की रोकथाम संभव है, यदि समय पर जांच और जागरूकता अपनाई जाए” तथा “विवाह से पहले थैलेसीमिया जांच कराएं — स्वस्थ समाज बनाएं” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
गिरिराज सिंह ने सामूहिक प्रयास पर दिया जोर: अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय से थैलेसीमिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने एचपीवी वैक्सीन को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर भी चर्चा की और लोगों से अपने आसपास के परिवारों एवं पड़ोसियों को एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की अपील की, ताकि प्रत्येक बच्ची को इसका लाभ मिल सके।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न: कार्यक्रम के अंत में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, बेगूसराय के अध्यक्ष डॉ. ए.के. राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया एवं एचपीवी टीकाकरण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया गया।






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