बेगूसराय। 10 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में बाढ़ की स्थिति, राहत-बचाव कार्य और आगामी तैयारियों को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने गुरुवार को समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में समीक्षा बैठक की। जिले के 8 अंचलों, 2 नगर निकायों और 37 पंचायतों के 189 गांव व 325 वार्ड बाढ़ प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में करीब 3.80 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
राहत-बचाव के लिए 269 नावें सक्रिय: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्य के लिए 269 नावें चल रही हैं। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नावें हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में एसडीआरएफ तथा बलिया में एनडीआरएफ की टीम तैनात है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए 228 सामुदायिक रसोई चिन्हित हैं। इनमें 182 संचालित हैं। 9 सितंबर की शाम तक 5,79,521 थाली भोजन कराया जा चुका है। 80 राहत शिविर भी चिन्हित किए गए हैं।
प्रशासन ने 41,880 पॉलीथीन शीट उपलब्ध कराई हैं, जिनमें से 29,351 वितरित हो चुकी हैं। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय है और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य और पशुओं के लिए विशेष व्यवस्था: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 62 चिकित्सा दल और 4 बोट एम्बुलेंस काम कर रहे हैं। अब तक 82,312 लोगों का उपचार किया गया है। 122 प्रकार की जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
पशुओं के लिए 46 पशु शिविर और 8 मेडिकल वैन संचालित हैं। 39,375 पशु प्रभावित हुए हैं और 7,909 का उपचार किया जा चुका है। पशुपालकों को 1,418.05 क्विंटल पशुचारा बांटा गया है।
तटबंध सुरक्षित, फसल क्षति पर भी नजर: बेगूसराय, मंझौल, बलिया, तेघड़ा और बखरी क्षेत्र के सभी 20 तटबंध सुरक्षित पाए गए हैं। इनमें 10 मुख्य तटबंध और 10 जमींदारी बांध शामिल हैं। पेयजल के लिए नियमित स्रोतों के साथ जरूरत के अनुसार टैंकरों से भी आपूर्ति हो रही है।
जिले में 27,034 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र बाढ़ संभावित है। इसमें 19,504 हेक्टेयर क्षेत्र 33 प्रतिशत से अधिक प्रभावित आंका गया है। किसानों के लिए वैकल्पिक फसल योजना और बीज वितरण की तैयारी की गई है।
आपदा संपूर्ति पोर्टल पर 1,00,953 परिवार चिन्हित हैं और 1,584 नई प्रविष्टियां जोड़ी गई हैं। वर्ष 2025 में 89,741 प्रभावित परिवारों को जीआर राशि दी गई थी।मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, पशुचारा और अन्य जरूरी सुविधाओं में कमी नहीं रहने देने को कहा।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।






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