बेगूसराय आईटीआई में खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित, 200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
बेगूसराय। 10 अक्टूबर 2026।नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
युवाओं को केवल सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्वरोजगार के अवसरों को पहचानकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए आत्मविश्वास, कार्य के प्रति समर्पण और सही सोच जरूरी है। ये बातें खादी ग्रामोद्योग आयोग, पटना के नोडल पदाधिकारी गोपाल कुमार सिंह ने बेगूसराय आईटीआई के सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कहीं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से संबद्ध खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता कॉलेज के उप प्राचार्य धर्मश कुमार ने की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, बैंक ऋण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
सरकारी सहायता से शुरू कर सकते हैं अपना कारोबार: गोपाल कुमार सिंह ने कहा कि सीमित संख्या में युवाओं को ही सरकारी नौकरी मिल पाती है। ऐसे में युवाओं को स्वरोजगार के प्रति अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों से उम्मीद रहती है कि वे आर्थिक रूप से मजबूत बनकर परिवार का सहारा बनेंगे।उन्होंने बताया कि भारत सरकार का संबंधित मंत्रालय छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है। उनके अनुसार, उद्यमियों को 50 हजार रुपये से लेकर 500 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 50 लाख रुपये तक के ऋण पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, इसका लाभ संबंधित योजना की पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलता है।
महिलाओं के लिए रोजगार के कई अवसर : ज्ञानेश्वरी: उद्योग विभाग की महाप्रबंधक ज्ञानेश्वरी ने कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री की योजनाओं के माध्यम से बेगूसराय की कई महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उद्योग विभाग उनकी सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इच्छुक व्यक्ति मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में अपना काम शुरू करना चाहते हैं, तो विभाग की ओर से उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा नाबार्ड: डीडीएम नाबार्ड आभा कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से कृषि आधारित गतिविधियों और उत्पादन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाता है। महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।जिला अग्रणी बैंक, यूको बैंक के प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने कहा कि बैंक स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने को तैयार रहते हैं, लेकिन इसके लिए आवेदक की सोच स्पष्ट होनी चाहिए। जिस व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं, उसके प्रति जानकारी, अनुभव और समर्पण होना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से व्यवसाय शुरू करने से पहले उसकी कार्यप्रणाली को समझने और ठोस योजना बनाने की अपील की।
नवाचार और नए विचारों से युवा बना सकते हैं पहचान: जीविका के पदाधिकारी श्याम सुंदर भगत ने कहा कि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में जीविका की महत्वपूर्ण भूमिका है।नागरिक कल्याण संस्थान के निदेशक संजय गौतम ने युवाओं को नवाचार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा अपने नए विचारों और रचनात्मक सोच के दम पर दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करना तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।






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