जमुई/राजगीर, 11 मई 2026: नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
साल 2026 में अधिक मास यानी मलमास की शुरुआत 17 मई से होने जा रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस बार ज्येष्ठ माह दो महीने का होगा, इसलिए इसे “अधिक ज्येष्ठ मास” कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास हर लगभग 32 महीने बाद आता है। चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच लगभग 11 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए यह अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसी कारण इस वर्ष रक्षाबंधन और दीपावली जैसे प्रमुख पर्व भी लगभग 20 दिन आगे खिसक जाएंगे।
धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। हालांकि पूजा-पाठ, दान-पुण्य, विष्णु सहस्रनाम पाठ, सत्यनारायण कथा और एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
राजगीर में लगेगा भव्य मलमास मेला: अधिक मास के अवसर पर बिहार के राजगीर में 17 मई से 15 जून तक विशाल मलमास मेले का आयोजन किया जाएगा। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करेंगे तथा राजगीर के पवित्र कुंडों में स्नान करेंगे। धार्मिक दृष्टि से इस स्नान को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
मेले के लिए 30 प्रशासनिक पदाधिकारी प्रतिनियुक्त: राजगीर मलमास मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा के 30 पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनका कार्यकाल 12 मई से 15 जून तक निर्धारित किया गया है। इस सूची में जमुई जिले के चार पदाधिकारी भी शामिल हैं, जिनमें एडीएम रविकांत सिन्हा, वरीय उप समाहर्ता विनोद प्रसाद, सावन तथा नागमणि कुमार वर्मा का नाम शामिल है। ीाके आलावा गया जी, अरवल आदि जिलों के भी पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किये गए है। सभी अधिकारी मेले के सुचारु संचालन एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






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