आयुष चिकित्सा को समय के अनुरूप आधुनिक और सक्षम बनाने की जरूरत : प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी
बेगूसराय। 4 नवंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में जिले के 70 से अधिक आयुष चिकित्सकों के लिए मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर (मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों से संबंधित विकार) विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने किया। इसका आयोजन जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. किश्वर सुल्ताना के नेतृत्व में किया गया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि अब समय आ गया है कि आयुष चिकित्सा को समय के अनुरूप नई अंगड़ाइयां लेने के लिए तैयार होना होगा। सरकार ने आयुष चिकित्सकों पर भरोसा जताया है और चिकित्सकों को इस भरोसे पर खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि बेगूसराय जिले में 100 से अधिक आयुष चिकित्सक आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला संयुक्त अस्पताल एवं सिविल सर्जन के अधीन कार्यरत हैं। सभी चिकित्सक अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं और उनकी सेवाओं से आम जनता लाभान्वित हो रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। सरकार अधिक से अधिक लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना चाहती है। इसके लिए आयुष चिकित्सकों को स्वयं को और अधिक सक्षम एवं दक्ष बनाना होगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और सीखी गई जानकारी को आम जनता तक पहुंचाएं।
इस अवसर पर महाविद्यालय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि भारत सरकार के स्तर पर आयुष चिकित्सा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिहार में भी आधुनिक चिकित्सा पद्धति और आयुष चिकित्सा के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने चिकित्सकों से आने वाले समय में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र में आयुर्वेद की डॉ. पूर्णिमा भारती, यूनानी चिकित्सा की डॉ. गजला नाजनीन एवं होम्योपैथी के डॉ. चंद्र किशोर प्रसाद ने मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर विषय पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इस दौरान चिकित्सकों को मांसपेशियों, हड्डियों एवं जोड़ों से संबंधित विकारों की चिकित्सा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अलका स्तुति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, डॉ. उर्वशी सिन्हा, डॉ. राजीव कुमार शर्मा, डॉ. गजला नाजनीन, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. सोनी कुमारी, डॉ. राजीव सुमन, डॉ. लोचन सिंह, डॉ. आलमगीर, डॉ. सबा परवीन आलम, राजेश कुमार, राकिब आलम एवं चंदन कुमार सहित अन्य लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।





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