ECREU ने उठाईं चार प्रमुख मांगें
बेगूसराय। 23 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़।
IREF के देशव्यापी आह्वान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाई यूनियन (ECREU) की ओर से ECR जोन के विभिन्न मंडलों, उत्पादन इकाइयों और कार्यस्थलों पर बुधवार को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन एवं गेट मीटिंग आयोजित की गई। सोनपुर मंडल के अंतर्गत बेगूसराय स्टेशन के पास भी रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
बोनस की गणना को लेकर यूनियन ने जताया विरोध: यूनियन ने बोनस के भुगतान और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाई यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम पासवान ने कहा कि सरकार द्वारा 78 दिनों के बोनस की घोषणा की जाती है, लेकिन इसकी गणना 6वें वेतन आयोग की ₹7,000 की पुरानी सीमा के आधार पर किए जाने से कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम राशि मिलती है। यूनियन का कहना है कि वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है, जबकि बोनस की गणना पुरानी सीमा के आधार पर की जा रही है। यूनियन के अनुसार इससे कर्मचारियों को करीब ₹17,951 की राशि मिलती है।
ECREU ने रखीं चार प्रमुख मांगें: घनश्याम पासवान ने केंद्र सरकार के समक्ष चार मांगें रखीं—7वें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन ₹18,000 के आधार पर बोनस का भुगतान किया जाए। 8वें वेतन आयोग का शीघ्र गठन किया जाए। NPS/UPS को निरस्त कर सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए। चारों नए लेबर कोड को रद्द कर श्रमिकों के अधिकार बहाल किए जाएं। यूनियन की ओर से बोनस एवं सरकार के प्रचार को लेकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र संख्या IREF/RB/2026/007 के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की बात कही गई।
प्रदर्शन में दिलीप कुमार सिंह, उमेश रजक, जय जय राम महतो, दिनेश सिंह, सनी मियां, बेचन ठाकुर, देवन पासवान, हीरालाल यादव, संजीत कुमार, चंद्रमौली महतो, विकास कुमार सहित अन्य रेल कर्मचारी मौजूद रहे।





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