नेशनल पॉजिटिव न्यूज़। बेगूसराय, 17 जून 2026।
बेगूसराय पुलिस की प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन कार्रवाई के फलस्वरूप पॉक्सो एक्ट और अपहरण के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय द्वारा दोषियों को सजा सुनाई गई है। दोनों मामलों में त्वरित अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि सुनिश्चित की।
पॉक्सो मामले में 20 वर्ष की सजा: विशेष न्यायालय पॉक्सो, बेगूसराय की न्यायाधीश सुश्री दिव्या शेखर ने बछवाड़ा थाना कांड संख्या 258/24 (पॉक्सो वाद संख्या 88/24) में आरोपी मोटो अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले के अनुसार 11 जुलाई 2024 की रात आरोपी ने नाबालिग बच्ची को खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया तथा जान से मारने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक मनीषा कुमारी ने की।
अपहरण मामले में 3 वर्ष का कारावास: वहीं, विशेष न्यायालय पॉक्सो, बेगूसराय ने नावकोठी थाना कांड संख्या 04/23 (पॉक्सो वाद संख्या 25/24) में आरोपी मृत्युंजय कुमार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 363/366B/34 के तहत दोषी पाते हुए 3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।घटना 11 जनवरी 2023 की है, जब एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया था। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद मामला प्रकाश में आया। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। इस मामले में भी विशेष लोक अभियोजक मनीषा कुमारी ने प्रभावी पैरवी की।
पुलिस ने जताई संतुष्टि: बेगूसराय पुलिस ने कहा कि दोनों मामलों में त्वरित अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के कारण दोषियों को सजा दिलाना संभव हो सका। पुलिस ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।








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