बेगूसराय: 14 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
माया कौशल्या फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को राम कुमारी अयोध्या विधि महाविद्यालय (आर.के.ए. लॉ कॉलेज), बेगूसराय में “नशा मुक्ति एवं युवा जागरूकता सेमिनार” का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार और नैतिक जीवन के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश: कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार ने की, जबकि मंच संचालन सामाजिक कार्यकर्ता सुमित कुमार ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता इजुर रहमान, विशिष्ट अतिथि के रूप में बार काउंसिल ऑफ बिहार के सदस्य संजीव कुमार ‘छोटे बाबू’ तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान माया कौशल्या फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों को चादर एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
नशा युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती: इजुर रहमान... मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता इजुर रहमान ने कहा कि नशा आज युवाओं के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि जब कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है तो इसका असर केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति भी प्रभावित होती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
हर प्रकार की बुराई से दूर रहने की दिलाई शपथ: बार काउंसिल ऑफ बिहार के सदस्य संजीव कुमार ‘छोटे बाबू’ ने छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा केवल शराब, तंबाकू या मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों को परेशान करना, किसी की संपत्ति पर अनुचित कब्जा करना, धन का दिखावा करना और अनैतिक कार्यों में लिप्त होना भी मानसिक एवं सामाजिक नशे का रूप है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार की बुराई से दूर रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
नशामुक्त युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव: वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को आजीवन किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं।
सामाजिक भागीदारी से ही बनेगा नशामुक्त समाज: कार्यक्रम की शुरुआत में माया कौशल्या फाउंडेशन के सचिव रौशन कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
छात्र-छात्राओं ने लिया जागरूकता का संकल्प: सेमिनार के दौरान नशे के दुष्परिणाम, युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुना और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक प्रो. राजकुमार सिंह, संजीत कुमार, विवेक कुमार, सनाउर रहमान, सुष्मिता मिश्रा, श्रुति, मृत्युंजय, शिक्षकेत्तर कर्मचारी राहुल, पंखुड़ी, अविनाश, पंकज कुंदन, अमन, रामसुदीन, मयंक रणविजय, प्रशांत, शमितेश, आकांक्षा, पुष्पलता सुमन, जैद, सुशांत, ब्यूटी, स्नेहा भारती सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने माया कौशल्या फाउंडेशन की इस पहल को युवाओं के हित में प्रेरणादायी और सराहनीय बताया।






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