बेगूसराय। 06 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में डॉक्टरों और जीएनएम/एएनएम के लिए कार्डियोटोकोग्राफी (CTG) प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रसव के दौरान भ्रूण की स्थिति की बेहतर निगरानी और समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना था।
पांच स्वास्थ्य इकाइयों के 15 स्वास्थ्यकर्मी शामिल: प्रशिक्षण का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रज़ी और पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया।
मॉडल जिला अस्पताल, बेगूसराय में आयोजित प्रशिक्षण के तीसरे बैच में जिले की पांच स्वास्थ्य इकाइयों से 15 चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मी शामिल हुए। इनमें जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा, अनुमंडलीय अस्पताल बलिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौनी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछवाड़ा के स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
भ्रूण संकट की समय पर पहचान में मददगार: CTG प्रसव के दौरान भ्रूण की हृदय गति और गर्भाशय के संकुचन की निगरानी करने वाला महत्वपूर्ण उपकरण है। इससे भ्रूण संकट (Fetal Distress) की समय रहते पहचान करने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण में स्वास्थ्यकर्मियों को CTG की कार्यप्रणाली, रीडिंग की सही व्याख्या और प्रसव के दौरान प्राप्त संकेतों के आधार पर समयबद्ध चिकित्सकीय निर्णय लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि CTG के प्रभावी उपयोग से जन्म श्वासावरोध के मामलों में कमी लाने और नवजात मृत्यु दर कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है।





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