बेगूसराय। 23 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बेगूसराय में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए 15 एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित कर उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार को प्रतिवेदन भेज दिया है। इससे दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।निवर्तमान जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को पत्रांक 1854/रा०, दिनांक 19 अगस्त 2026 के माध्यम से भूमि संबंधी प्रतिवेदन भेजा है। अंचल अधिकारी, बरौनी के प्रतिवेदन के अनुसार प्रस्तावित भूमि मौजा मल्हीपुर, थाना संख्या 503, खाता संख्या 261 और खेसरा संख्या 890 में स्थित है। भूमि का कुल रकबा 15 एकड़ है और यह बिहार सरकार की गैर-मजरूआ खास भूमि है।
गिरिराज सिंह की पहल से प्रक्रिया को मिली गति: दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह लगातार पहल करते रहे हैं। 19 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेगूसराय दौरे के दौरान भी उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष दिनकर की स्मृति में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग प्रमुखता से रखी थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी। भूमि का चिह्नांकन और उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डाइट शाहपुर से शुरू हो सकता है शैक्षणिक संचालन: स्थायी परिसर का निर्माण पूरा होने तक विश्वविद्यालय का शैक्षणिक संचालन डाइट, शाहपुर के भवन से शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की स्थापना का लाभ जल्द उपलब्ध कराना है।जिला प्रशासन ने प्रस्तावित भूमि का नजरी नक्शा भी प्रतिवेदन के साथ भेजा है। उच्च शिक्षा विभाग से विधिवत अधियाचना प्राप्त होने के बाद नियमानुसार भूमि हस्तांतरण और निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उच्च शिक्षा और शोध के अवसर बढ़ेंगे: दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना से बेगूसराय सहित उत्तर एवं मध्य बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ युवाओं के लिए शोध एवं ज्ञान आधारित नए अवसर भी सृजित होंगे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि दिनकर विश्वविद्यालय बेगूसराय की जनता की दीर्घकालिक आकांक्षा है। 15 एकड़ भूमि का चिह्नांकन और उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि यह पहल जल्द ही एक पूर्ण विकसित विश्वविद्यालय के रूप में धरातल पर उतरे। दिनकर की धरती पर विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर अब प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ने से जिले में लंबे समय से चली आ रही इस मांग के साकार होने की उम्मीद मजबूत हुई है।







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