बेगूसराय। 12 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़ |
माननीय पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बहुचर्चित वीरपुर थाना कांड संख्या-49/2021 की नई सिरे से (De Novo) जांच अब तेज हो गई है। Cr.WJC No. 259/2022 (Tezaswini Kumari Vs. The State of Bihar & Others) में 8 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मगध क्षेत्र, गया, विकास वैभव रविवार को बेगूसराय पहुंच गए। सोमवार 13 जुलाई से गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) मामले की पुनः जांच औपचारिक रूप से शुरू करेगा।
हाईकोर्ट ने क्या कहा था?: यह मामला वीरपुर थाना कांड संख्या-49/2021 से जुड़ा है, जिसमें एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी पुत्री तेजस्विनी कुमारी ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों की समुचित जांच नहीं की गई। न्यायालय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले की De Novo (नई सिरे से) जांच का आदेश दिया और निष्पक्ष व प्रभावी अनुसंधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बेगूसराय पहुंचे आईजी विकास वैभव: बिहार पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आईजी विकास वैभव बेगूसराय पहुंच चुके हैं। वे 13 जुलाई से एसआईटी के साथ बैठक कर अब तक की जांच, उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा आगे की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे घटनास्थल का भी निरीक्षण करेंगे ताकि अनुसंधान के महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा सके।
एसआईटी में शामिल अधिकारी: पुनः अनुसंधान के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) में निम्न अधिकारी शामिल हैं—👉 शैलेश कुमार सिन्हा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, बेगूसराय क्षेत्र, 👉 अशोक झा, पुलिस उपाधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना 👉 निहार भूषण, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बगहा 👉 अलय वत्स, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी मुजफ्फरपुर 👉 कुमार अभिनव, पुलिस निरीक्षक, पटना, जिलाबल बेगूसराय जिला पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मी।
सभी अधिकारियों को 13 जुलाई की सुबह 10:30 बजे बेगूसराय कैंप कार्यालय में उपस्थित होकर बैठक में भाग लेने का निर्देश दिया गया है।
जनता से सहयोग की अपील: आईजी विकास वैभव ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि जिनके पास इस मामले से संबंधित कोई भी तथ्य, जानकारी या साक्ष्य हो, वे बेगूसराय स्थित डीआईजी कार्यालय, जिसे इस जांच का कैंप कार्यालय बनाया गया है, वहां आकर एसआईटी को जानकारी दें। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच में जनता का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निष्पक्ष जांच पर सबकी नजर: हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद शुरू हो रही यह पुनः जांच न केवल पीड़ित पक्ष बल्कि आम लोगों की भी निगाहों में है। अब उम्मीद की जा रही है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और सभी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।






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