बेगूसराय: 1 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर संबद्ध बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन, जिला कमिटी बेगूसराय के बैनर तले बुधवार को समाहरणालय के दक्षिणी द्वार के समक्ष धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष रामविलास सिंह ने की। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने पुरानी मनरेगा व्यवस्था को बहाल करने, प्रस्तावित ‘वि.बी. ग्राम-जी’ कानून को वापस लेने, प्रतिदिन 700 रुपये न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, वर्ष में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने तथा काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने की मांग उठाई।
कई स्थानीय मुद्दों को भी उठाया: धरना के दौरान वक्ताओं ने बेगूसराय के बिंदटोली गैंगरेप मामले के दोषियों को फांसी की सजा देने तथा बिहार सरकार द्वारा भूमि बिक्री निबंधन शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेने की भी मांग की।
मनरेगा में बदलाव का किया विरोध: जिला सचिव रामभजन सिंह ने कहा कि प्रस्तावित ‘वि.बी. ग्राम-जी’ कानून मजदूरों और गरीबों के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें रोजगार की गारंटी समाप्त करने तथा कार्य दिवसों में कटौती का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पूर्व की मनरेगा व्यवस्था में 100 दिनों के रोजगार और काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का कानूनी प्रावधान था। उन्होंने 10 अगस्त को प्रस्तावित देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान भी किया।
कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर भी बोले वक्ता: माकपा जिला सचिव रत्नेश झा ने राज्य की कानून-व्यवस्था, दलितों, गरीबों और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने भूमिहीन गरीबों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने और पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने की मांग की।वहीं किसान कौंसिल के जिला सचिव दयानिधि चौधरी ने जमाबंदी सुधार में कथित अनियमितताओं, फसल क्षतिपूर्ति योजना की विसंगतियों, जल निकासी, खाद की किल्लत, खेती की बढ़ती लागत और कृषि उत्पादों की गिरती कीमतों जैसे मुद्दों पर मजदूर-किसानों के संयुक्त संघर्ष को तेज करने की बात कही।
श्रम संहिता का भी किया विरोध% : सीटू के राज्य सचिव आर. एस. राय ने केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने विभिन्न मजदूर और किसान संगठनों के साथ मिलकर जनसंघर्ष तेज करने का संकल्प दोहराया। धरना को जयप्रकाश यादव, सुरेश पासवान, रामजी पासवान, प्रमोद साह और सुरेन्द्र साह सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।(नोट: यह समाचार बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)







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