समाज सेवा, अंगदान और रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी, संगठनात्मक मजबूती और युवाओं को प्रेरित करने पर विशेष जोर
बेगूसराय | 26 अप्रैल 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में समाज सेवा, अंगदान एवं रक्तदान जैसे संवेदनशील विषयों पर एक भव्य एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेगूसराय सहित खगड़िया, नवगछिया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और लखीसराय से दधीचि देहदान अभियान से जुड़े 100 से अधिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने के लिए सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, पद्मश्री विमल जैन, गुरु रहमान एवं माँ ब्लड सेंटर के मुकेश हिसारिया सहित कई प्रमुख समाजसेवी उपस्थित रहे।

पारंपरिक स्वागत और राष्ट्रभक्ति के साथ हुई शुरुआत: कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें अतिथियों का स्वागत तिलक एवं दुपट्टा पहनाकर किया गया। मंच संचालन निरंजन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद “वंदे मातरम” की सामूहिक प्रस्तुति ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
समाजसेवियों का सम्मान, बढ़ा उत्साह: कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जयमंगला वाहिनी परिवार, वत्स सेवा समिति, सूर्यकला रामजी फाउंडेशन, साई की रसोई सहित कई संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह भविष्य में समाज सेवा से जुड़ने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
“समाज सेवा ही सच्ची देशभक्ति” – गंगा प्रसाद: मुख्य अतिथि गंगा प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा ही सच्ची देशभक्ति है और रक्तदान-अंगदान जैसे कार्य समाज की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे बढ़कर मानवता की सेवा को अपना लक्ष्य बनाएं और इन अभियानों को गांव-गांव तक पहुंचाएं।
विशेषज्ञों ने बताया सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व: कार्यक्रम में निर्मल जैन, डॉ. एम. रहमान, डॉ. सुभाष प्रसाद और मुकेश हिसारिया ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि अंगदान और रक्तदान केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि यह हर जागरूक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। साथ ही, यह भी बताया गया कि संगठित प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
दूसरे सत्र में संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा: दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक आयोजित दूसरे सत्र में संगठनात्मक गतिविधियों पर विशेष चर्चा की गई। इसमें जिलावार परिचय, संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही 9 अगस्त को पटना में होने वाले 12वें राज्य सम्मेलन एवं संकल्प-सम्मान समारोह की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
समापन में भविष्य की योजनाओं पर जोर: कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष सुशील कुमार राय के उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने संगठन की आगामी योजनाओं और समाज सेवा के विस्तार पर प्रकाश डाला। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि समाज को एकजुट कर सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया।








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