जेपी आंदोलन से शुरू हुआ राजनीतिक सफर, कई बार मुख्यमंत्री बने; 2026 में राज्यसभा पहुंचने के बाद छोड़ी सत्ता
पटना, 14 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हो गई है। लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार का यह फैसला उनके दशकों पुराने सियासी सफर का अहम मोड़ माना जा रहा है।
नीतीश कुमार: पूरा प्रोफाइल🔹 व्यक्तिगत परिचय
पूरा नाम: नीतीश कुमार, जन्म: 1 मार्च 1951, जन्म स्थान: बख्तियारपुर, पटना (बिहार), पिता का नाम: कविराज रामलखन सिंह (आयुर्वेदिक चिकित्सक), माता का नाम: परमेश्वरी देवी, पत्नी: मंजू कुमारी (स्वर्गीय), शिक्षा:बी.ई. (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना)
🔷 जेपी आंदोलन से सत्ता के शिखर तक: नीतीश कुमार ने राजनीति में कदम जनता दल के सदस्य के रूप में रखा और 1985 में पहली बार विधायक बने। समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ मिलकर समता पार्टी की स्थापना की। 1996 में वे लोकसभा के लिए चुने गए और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। बाद में उनकी पार्टी एनडीए में शामिल हो गई और 2003 में जनता दल (यूनाइटेड) में विलय हो गया, जिसके वे प्रमुख नेता बने।
🔴 2005: बिहार की सत्ता में एंट्री: 2005 में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री पद संभाला। इसके बाद 2010 के चुनाव में उनकी अगुवाई में गठबंधन ने भारी बहुमत हासिल किया और वे “सुशासन बाबू” के रूप में चर्चित हुए।
🔵 गठबंधन बदलने की राजनीति: नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर गठबंधन बदलावों के लिए भी जाना जाता है। 2013: नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भाजपा से अलग होकर आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाया 2014: लोकसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, जीतन राम मांझी बने सीएम 2015: फिर वापसी कर मुख्यमंत्री बने और महागठबंधन के साथ चुनाव जीत लिया, 2017: आरजेडी से अलग होकर दोबारा एनडीए में शामिल, 2020: एनडीए के साथ फिर सरकार बनाई, 2022: एनडीए छोड़कर महागठबंधन में वापसी, 2024: फिर एनडीए में शामिल
🟡 2026: राज्यसभा और इस्तीफा: मार्च 2026 में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के संकेत दिए और राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। वे चुनाव जीतकर 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सांसद बने। इसके कुछ ही दिनों बाद, 14 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
🟢 विकास और फैसलों की पहचान: अपने लंबे कार्यकाल में नीतीश कुमार ने बिहार में कई अहम फैसले लिए: सड़क और बुनियादी ढांचे का विस्तार, पंचायतों में महिलाओं को 50% आरक्षण, 2016 में शराबबंदी कानून लागू, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, इन पहलों के कारण उन्हें “सुशासन बाबू” की पहचान मिली।
✅ निष्कर्ष: नीतीश कुमार का इस्तीफा सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक युग के अंत और नए दौर की शुरुआत का संकेत है। उनका राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव, गठबंधन बदलाव और प्रशासनिक अनुभव का अनूठा उदाहरण रहा है।
👉 केंद्र सरकार में भूमिका: नीतीश कुमार ने केंद्र में भी कई अहम पद संभाले: रेल मंत्री (1998–1999, 2001–2004), कृषि मंत्री (संक्षिप्त कार्यकाल), परिवहन मंत्री, रेल मंत्री के रूप में उन्होंने कई सुधार और नई ट्रेनों की शुरुआत की।
👉 मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल: नीतीश कुमार कई बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे: पहली बार: 3 मार्च 2000 (कुछ दिनों के लिए), दूसरी बार: 24 नवंबर 2005 – 17 मई 2014, तीसरी बार: 22 फरवरी 2015 – 20 नवंबर 2015, चौथी बार: 20 नवंबर 2015 – 26 जुलाई 2017, पांचवीं बार: 27 जुलाई 2017 – 9 अगस्त 2022, छठी बार: 10 अगस्त 2022 – 14 अप्रैल 2026 👉 वे बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं।







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