जिला स्तर पर समिति गठित, 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों की होगी पहचान और डिजिटल सुरक्षा
बेगूसराय, 10 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत बेगूसराय जिले में प्राचीन एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटाइजेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कार्य को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
समिति करेगी निगरानी और सूचीकरण: इस मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया गया है। यह समिति जिले में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, सूचीकरण और संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगी। साथ ही, मठ, मंदिर, पुस्तकालय एवं निजी संग्रहों में सुरक्षित पांडुलिपियों को चिन्हित कर उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाएगी।
75 वर्ष पुरानी पांडुलिपियों को मिलेगा संरक्षण: निर्देशानुसार कागज, भोजपत्र, ताम्रपत्र, कपड़ा एवं धातु जैसे विभिन्न माध्यमों पर लिखित उन पांडुलिपियों को शामिल किया जाएगा, जो कम से कम 75 वर्ष पुरानी हैं। इनका दस्तावेजीकरण कर डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, ताकि इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
प्रखंड स्तर पर जागरूकता अभियान: जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाएं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी और विशेष अभियान चलाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील: जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि उपलब्ध है, तो वे इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दें। इससे इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया जा सकेगा।







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