बच्चों को सुरक्षा के उपाय सहित POCSO एक्ट, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध और बाल अधिकारों की दी गई जानकारी
बेगूसराय, 28 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेगूसराय की ओर से संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें किशोर न्याय बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट प्रभात कुमार ने विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी अनुचित परिस्थिति में सही कदम उठाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य सैलेश जी भी उपस्थित रहे। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बाल अधिकार, बाल विवाह, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूक किया गया। प्रभात कुमार ने बच्चों को समझाया कि यदि कोई परिस्थिति उन्हें असहज महसूस कराती है, तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए। डर या शर्म के कारण अपनी परेशानी छिपाने के बजाय स्पष्ट रूप से ‘न’ कहना, किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को अपनी बात बताना और जरूरत पड़ने पर सहायता लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सही जानकारी, जागरूकता और समय पर उठाया गया कदम उन्हें कई तरह की परेशानियों से बचा सकता है। इस दौरान विद्यार्थियों को सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
बच्चों की सहायता के लिए बताए गए हेल्पलाइन नंबर: सेमिनार में विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता के लिए 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 और साइबर अपराध से संबंधित सहायता के लिए 1930 नंबर की जानकारी दी गई।
प्राचार्या ने बताया, छोटी कक्षाओं से ही जरूरी है जागरूकता: विद्यालय की प्राचार्या डॉ. शीतल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ज़ी लर्न के माध्यम से भी पॉक्सो एक्ट के तहत गुड टच-बैड टच को लेकर जागरूकता पर ध्यान दिया जाता है। यह जानकारी केवल बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रखी जाती, बल्कि कक्षा एक, दो और तीन के बच्चों को भी उनकी उम्र के अनुसार व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में समझाया जाता है। विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा जागरूक, आत्मविश्वासी और सुरक्षित महसूस करे।बच्चों के अधिकार और सुरक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी: निदेशक विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा ने कहा कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना भी आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को सही और गलत के बीच अंतर समझने, बिना किसी डर के अपनी बात रखने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने का आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनका उज्ज्वल भविष्य विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि जागरूक रहना, अपनी परेशानी साझा करना और समय पर सहायता लेना सुरक्षित बचपन एवं बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।






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