बेगूसराय के दिनकर कला भवन में छात्राओं ने नाटक, गीत-संगीत और मार्शल आर्ट के जरिए दिया बालिका सशक्तीकरण का संदेश, मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित
बेगूसराय। 10 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को दिनकर कला भवन, बेगूसराय में जिला प्रशासन की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “End Child Marriage and Invest in Girl Rights” (बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें) विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, अधिकार और सशक्तीकरण पर जोर दिया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों एवं बालिकाओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
बाल विवाह और लिंगभेद के खिलाफ सामूहिक प्रयास जरूरी: ( डीएम) इस अवसर पर जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने कहा कि बेटे और बेटी के बीच भेदभाव के कारण कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक एवं कानूनी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के तहत भ्रूण के लिंग की जांच कराना प्रतिबंधित है।उन्होंने कहा कि बाल विवाह भी बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के सामने एक बड़ी चुनौती है। केवल कानून बनाने से सामाजिक कुरीतियों को समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए जन-जागरूकता, सामाजिक सहयोग और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।डीएम ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दिया बालिका सशक्तीकरण का संदेश: कार्यक्रम में बीपी इंटर कॉलेज, ओमर बालिका उच्च विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कंकौल, आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-46, त्रिवेणी संस्था, मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय, तरुणी तारण नाट्य समिति, आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र और बालिका गृह सहित विभिन्न संस्थानों की बालिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुतियों, गीत-संगीत, ताइक्वांडो और युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन, बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
मेधावी छात्राओं और प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित: कार्यक्रम के दौरान मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की टॉपर छात्राओं के साथ-साथ कला-संस्कृति और खेल के क्षेत्र में राज्य एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार और उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने वाली बालिकाओं को भी प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रश्मि कुमारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नेहा कुमारी, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई प्रियंका कुमारी तथा जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम डॉ. अनुजा कुमारी सहित वन स्टॉप सेंटर, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन और आईसीडीएस के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।






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