बेगूसराय। 8 सितम्बर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर जारी रखा है। मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री राजू कुमार ने प्रेस वार्ता कर जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
खतरे के निशान से 1.63 मीटर ऊपर पहुंचा नदी का जलस्तर: प्रशासन के अनुसार नदी का जलस्तर वर्तमान में 43.39 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से 1.63 मीटर अधिक है। जिले में अब तक का सर्वोच्च बाढ़ स्तर 43.52 मीटर रहा है। प्रशासन के मुताबिक जिले के सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है।

8 प्रखंडों के 189 गांव बाढ़ प्रभावित: वर्तमान में जिले के 8 प्रखंडों की 39 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें 37 ग्राम पंचायत और 2 नगर पंचायत शामिल हैं। कुल 189 गांवों में बाढ़ का प्रभाव है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार लगभग 95,245 परिवारों के 3,80,980 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं आवागमन के लिए कुल 262 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 23 सरकारी और 239 निजी नावें शामिल हैं। प्रशासन के पास कुल 264 नावें उपलब्ध हैं, जिनमें 260 जिला प्रशासन तथा 4 IOCL की नावें हैं।

SDRF और NDRF की टीमें तैनात: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित रेस्क्यू और बचाव कार्य के लिए बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। वहीं बलिया प्रखंड में NDRF की टीम को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके।
174 सामुदायिक रसोई केंद्र सक्रिय: बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से वर्तमान में 174 केंद्र सक्रिय हैं। इन रसोई केंद्रों के माध्यम से अब तक 2,30,057 लोगों को भोजन कराया जा चुका है।प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 15,355 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया गया है, जबकि प्रशासन के पास 41,880 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं। राहत एवं आश्रय की आवश्यकता को देखते हुए जिले में कुल 80 राहत शिविर केंद्र भी चिन्हित किए गए हैं।57 मेडिकल कैंप और बोट एम्बुलेंस से स्वास्थ्य सेवाबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 57 मेडिकल कैंप और एक बोट एम्बुलेंस कार्यरत हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अब तक 14,545 मरीजों का उपचार किया जा चुका है।

वहीं, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल द्वारा 45 अस्थायी शौचालय संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 31 नए चापाकल भी लगाए गए हैं।
पशुओं के लिए 30 चिकित्सा शिविर: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को भी आवश्यक सहायता दी जा रही है। पशुओं के उपचार के लिए 30 पशु चिकित्सा शिविर कार्यरत हैं, जहां अब तक 1,999 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। पशुओं के लिए अब तक 911.85 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है।
27 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित: बाढ़ का असर जिले के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। प्रशासन के अनुसार कुल 27,034 हेक्टेयर फसल रकवा बाढ़ से प्रभावित हुआ है। इनमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले 19,504 हेक्टेयर रकवे का आकलन किया गया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत, बचाव, स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और पशु चिकित्सा समेत सभी आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन ने प्रभावित नागरिकों तक हर संभव सहायता और आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए अपनी पूरी मशीनरी को मुस्तैद रखा है।





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