भागलपुर में राघोपुर तटबंध का किया निरीक्षण, बेगूसराय में तीन जिलों की बाढ़ तैयारियों की समीक्षा — 24 घंटे कम्युनिटी किचन, मोबाइल मेडिकल टीम और नावों की पर्याप्त व्यवस्था का निर्देश
बेगूसराय/भागलपुर /पटना /खगड़िया, 05 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार में गंगा सहित प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भागलपुर के नवगछिया स्थित राघोपुर तटबंध का निरीक्षण करने के बाद बेगूसराय पहुंचकर बेगूसराय, मुंगेर और खगड़िया जिलों में बाढ़ की तैयारियों एवं राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बेगूसराय स्थित आईओसीएल परिसर के दिनकर गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की क्षति या कटाव की स्थिति सामने आने पर तत्काल सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य शुरू कराने को कहा।

बेगूसराय, मुंगेर और खगड़िया की बाढ़ स्थिति की समीक्षा: समीक्षा बैठक में तीनों जिलों के जिलाधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने-अपने जिलों की वर्तमान बाढ़ स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बेगूसराय के जिलाधिकारी रिची पाण्डेय, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर और खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम वीरकर ने गंगा नदी के जलस्तर, बाढ़ प्रभावित पंचायतों एवं नगर निकायों, नावों की उपलब्धता, राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा व्यवस्था तथा तटबंधों की सुरक्षा के संबंध में की गई तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

24 घंटे संचालित होंगे कम्युनिटी किचन: मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में कम्युनिटी किचन बढ़ाने और उन्हें 24 घंटे संचालित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।राहत शिविरों एवं कम्युनिटी किचन के आसपास शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगाए जाने वाले चापाकलों की गहराई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

मोबाइल मेडिकल टीम और बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था: मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। दियारा क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार बोट एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराने को भी कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।
प्रभारी मंत्री और सचिव, जिलों में कैंप कर करें निगरानी: मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्री एवं प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों में निरंतर कैंप कर बाढ़ की स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन को प्रतिदिन जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने को कहा गया, ताकि जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा सके।
तटबंधों और स्लूईस गेट की लगातार निगरानी: मुख्यमंत्री ने सभी सुरक्षा तटबंधों एवं जमींदारी बांधों को सुदृढ़ रखने के साथ-साथ तटबंधों और स्लूईस गेट की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी कटाव या तटबंध में क्षति की स्थिति उत्पन्न हो, वहां बिना विलंब आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य कराया जाए।आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट, मोटरबोट, राहत एवं बचाव दल, पॉलिथीन शीट, कटाव निरोधक सामग्री सहित अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था रखने को भी कहा गया।
किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने का निर्देश: मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित कृषि क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक फसल योजना तैयार करने, वैकल्पिक फसलों एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया।
सम्पूर्ति पोर्टल पर लगातार अपडेट होगी प्रभावित परिवारों की सूची: मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची को सम्पूर्ति पोर्टल पर लगातार अद्यतन रखने का निर्देश दिया, ताकि पात्र परिवारों तक राहत एवं सहायता समय पर पहुंच सके। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसओपी के अनुरूप हरसंभव सहायता एवं राहत उपलब्ध कराने तथा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा।
कैलाशपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लिया बाढ़ का जायजा: समीक्षा बैठक में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय सदर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित कैलाशपुर क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर बाढ़ की स्थिति, राहत-बचाव कार्य और स्थानीय लोगों की समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गंगा में करीब 20 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज : मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में कई स्थानों पर लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी में करीब 20 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि सोन नदी में 5.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और आमलोगों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए रिंग बांध और नए स्ट्रेच की योजना: मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से होने वाली परेशानियों के स्थायी समाधान की दिशा में भी सरकार ने काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोसी और गंडक नदी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कार्य किए गए हैं, उसी प्रकार गंगा नदी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गंगा नदी के तटबंधों को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित करने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार रिंग बांध और नए स्ट्रेच का निर्माण कराया जाएगा। गंगा नदी में गाद की समस्या के समाधान के लिए ड्रेजिंग एवं गाद की सफाई की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों से भी मुख्यमंत्री ने की बातचीत: भागलपुर के नवगछिया स्थित राघोपुर तटबंध के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और तटबंध के कटाव एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों से कटाव निरोधी कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंध की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों को पूरी तत्परता से जारी रखा जाए।
सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने के लिए तत्पर : मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा, कोसी, गंडक और सोन नदियों में काफी पानी आया है। सभी प्रमुख नदियों के तटबंधों को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और राहत एवं बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी से चलाए जा रहे हैं।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और हर स्तर पर प्रशासनिक निगरानी मजबूत रखी जाए।
बैठक में ये रहे मौजूद: समीक्षा बैठक में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय जिला के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, विधायक रजनीश कुमार, विधायक नरेंद्र कुमार सिंह, विधायक कुंदन कुमार, बेगूसराय नगर निगम की महापौर पिंकी देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार, बेगूसराय के जिलाधिकारी रिची पाण्डेय, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर, खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम वीरकर, बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष, मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।





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