बेगूसराय। 22 अगस्त। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण में कमी किए जाने की खबर को जिला प्रशासन ने गलत बताया है। प्रशासन के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की वित्तीय सहायता कम नहीं की गई है। इसके बजाय शिक्षा ऋण पाने के विकल्प बढ़ाए गए हैं।
राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को अब अलग-अलग माध्यमों से शिक्षा ऋण लेने की सुविधा दी है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
4 लाख रुपये तक ऋण के नए विकल्प
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के अनुसार, अब 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से मिलेगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से ही 4 लाख रुपये तक की राशि मिलती थी।
पीएम विद्यालक्ष्मी से 10 लाख तक शिक्षा ऋण
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ा गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता के विकल्प और बढ़ेंगे।
2026-27 में 950 करोड़ रुपये की स्वीकृति
सरकार ने योजना के लिए वित्तीय प्रावधान भी बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 886 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी मिली थी।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई है। यानी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस साल 64 करोड़ रुपये अधिक का प्रावधान किया गया है।
भ्रामक खबरों से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से स्पष्ट है कि शिक्षा ऋण की वित्तीय सहायता कम नहीं की गई है। विद्यार्थियों के लिए सहायता के विकल्पों का विस्तार किया गया है।
प्रशासन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि योजना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। भ्रामक खबरों से बचने की भी अपील की गई है।






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