बेगूसराय। 18 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) एवं बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति (BSACS) द्वारा कराए जा रहे p-MPSE (Prioritization and Mapping of Population Size Estimation) कार्यों के तहत बेगूसराय जिले में किए गए कार्यों का बैक चेकअप किया गया। इस दौरान दिशा के तकनीकी विशेषज्ञ अजय बर्नवाल ने जिले के 15 हॉटस्पॉट का स्थलीय निरीक्षण कर p-MPSE के तहत जुटाए गए आंकड़ों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता का सत्यापन किया।bतकनीकी विशेषज्ञ ने विभिन्न हॉटस्पॉट पर पहुंचकर High-Risk Groups (HRG) यानी उच्च जोखिम समूहों के सदस्यों तथा स्थानीय स्टेकहोल्डर्स से प्रत्यक्ष बातचीत की। इस दौरान हॉटस्पॉट की स्थिति, HRG की उपलब्धता और p-MPSE के तहत संकलित सूचनाओं का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया गया।
HIV नियंत्रण की रणनीति में महत्वपूर्ण है p-MPSEp-MPSE: HIV नियंत्रण कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी आधार माना जाता है। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उच्च जोखिम समूहों की अनुमानित संख्या, उनके भौगोलिक वितरण, हॉटस्पॉट और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता से संबंधित जानकारी प्राप्त की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर HIV की रोकथाम, लक्षित हस्तक्षेप, HIV जांच, काउंसलिंग, उपचार एवं ART से जोड़ने सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर योजना तैयार करने में मदद मिलती है। विशेष रूप से HIV संक्रमण के अधिक जोखिम वाले समुदायों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और नए संक्रमणों की रोकथाम के लिए सटीक एवं प्रमाणिक डेटा महत्वपूर्ण है।
नौ क्षेत्रों के विभिन्न हॉटस्पॉट का निरीक्षण: बैक चेकअप के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ अजय बर्नवाल ने गढ़पुरा, बेगूसराय ग्रामीण, बेगूसराय नगर निगम, बलिया नगर परिषद, बखरी, वीरपुर, बरौनी, बछवाड़ा एवं भगवानपुर के विभिन्न हॉटस्पॉट का निरीक्षण किया। उन्होंने HRG एवं स्थानीय स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर सर्वेक्षण के दौरान जुटाई गई जानकारी की वास्तविकता की जांच की। स्थलीय निरीक्षण के बाद अजय बर्नवाल ने BGJAS द्वारा किए गए p-MPSE कार्यों की सराहना की। उन्होंने हॉटस्पॉट स्तर पर संस्था की टीम द्वारा किए गए कार्य, समुदाय के साथ समन्वय और डेटा संकलन की प्रक्रिया को बेहतर बताया।
सटीक डेटा HIV नियंत्रण की मजबूत नींव : कौशलेंद्र कुमार: इस अवसर पर BGJAS के कार्यपालक निदेशक ई. कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि संस्था p-MPSE जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों को गंभीरता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा ही प्रभावी HIV नियंत्रण कार्यक्रम की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि NACO एवं BSACS के मार्गदर्शन में प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में HIV नियंत्रण एवं रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों को अधिक लक्षित, प्रभावी और आवश्यकता आधारित बनाने में मदद मिलेगी। परामर्शी अंबिका कुमारी ने जांच दल को p-MPSE के तहत किए गए सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं इसकी गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैक चेकअप कार्य में संस्था के परियोजना प्रबंधक मनीष कुमार, परामर्शी अंबिका कुमारी, एम एंड ई रविंद्र रंजन, आउटरीच वर्कर लक्ष्मी, ओंकार, अभिषेक एवं लक्ष्मण समेत सभी कर्मियों और पियर एजुकेटर ने सहयोग किया।






Total views : 100528





















