बेगूसराय। 17 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
आगामी राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सोमवार, 17 अगस्त को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मेले की पूर्व तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात एवं विधि-व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस वर्ष सिमरिया कल्पवास मेला 18 अक्टूबर से 24 नवंबर 2026 तक 38 दिनों का होगा। उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्थित सिमरिया धाम में कल्पवास की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। वर्ष 2008 में सिमरिया कल्पवास मेले को राजकीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया था।
घाटों पर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर: जिलाधिकारी ने घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अस्थायी शौचालय एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नाव, महाजाल, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी। मेला क्षेत्र एवं पहुंच पथों पर नियमित साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन, चलंत शौचालय और पानी के टैंकर की व्यवस्था नगर निगम, संबंधित नगर निकाय एवं पीएचईडी के समन्वय से की जाएगी।
सीसीटीवी और वॉच टावर से होगी निगरानी: भीड़ नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल एवं गृह रक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रमुख घाटों, मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था रहेगी। विशेष स्नान एवं मेले के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। राजेंद्र पुल पर जाम की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल एवं गृह रक्षकों की तैनाती की जाएगी।
विद्युत और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान: विद्युत सुरक्षा को लेकर अस्थायी विद्युत कनेक्शन, खुले तारों को सुरक्षित करने और 25 केवीए ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विद्युत कार्यपालक अभियंता, बरौनी से आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को भी कहा गया।श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिए 24 घंटे चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती रहेगी। मेला क्षेत्र में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा। वहीं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा निरीक्षकों द्वारा नियमित जांच की जाएगी।
बनेगा कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र: आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, सिमरिया घाट कंट्रोल रूम एवं खोया-पाया केंद्र स्थापित किया जाएगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
31 अगस्त को खुलेगी मेले की निविदा: मेले के आयोजन के लिए टेंट, बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, लाइट एवं साउंड सिस्टम आदि की व्यवस्था को लेकर निविदा प्रकाशित की जा चुकी है। यह निविदा 31 अगस्त 2026 को खोली जाएगी। जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले कल्पवासियों, साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी बेगूसराय सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कल्पवास मेला समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।






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