बेगूसराय: 1 जुलाई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर बुधवार को माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल, बेगूसराय द्वारा डॉक्टरों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सेवा-भाव को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से चिकित्सकों के योगदान को नमन किया तथा शहर के विभिन्न अस्पतालों में जाकर डॉक्टरों का सम्मान किया। यह पहल समाज में चिकित्सकों के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश देने वाली रही।
विद्यालय में विशेष सभा का आयोजन: कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय में आयोजित विशेष प्रातःकालीन सभा से हुई। विद्यार्थियों ने नाटक, नृत्य और प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और समर्पण की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में डॉक्टर ही मरीज और उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आते हैं।
अस्पतालों में पहुंचकर डॉक्टरों को दिया सम्मान: सभा के बाद विद्यार्थियों ने शहर के विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया। सबसे पहले बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप अस्पताल में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति देकर चिकित्सकों का सम्मान किया। डॉक्टरों ने विद्यार्थियों के इस स्नेहपूर्ण प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी द्वारा उनके कार्य के प्रति सम्मान व्यक्त करना उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसके बाद छात्र-छात्राएं ग्लोकल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का अभिनंदन किया। चिकित्सकों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज और चिकित्सा जगत के बीच विश्वास और सम्मान के रिश्ते को और मजबूत करते हैं।
आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था से हुए रूबरू: विद्यार्थियों ने एलेक्सिया हॉस्पिटल का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें एक्स-रे, सीटी स्कैन और ईसीजी कक्षों का अवलोकन कराया गया। डॉक्टरों ने सरल भाषा में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे और चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त कीं।
प्राचार्या और निदेशक ने दिया प्रेरक संदेश: विद्यालय की प्राचार्या डॉ. शीतल ने कहा कि डॉक्टर केवल दवाइयां ही नहीं देते, बल्कि मरीजों को विश्वास, साहस और नई जिंदगी की उम्मीद भी देते हैं। उनका समर्पण और सेवा-भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा ने कहा कि डॉक्टरों का जीवन त्याग, सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब अधिकांश लोग अपने परिवार के साथ होते हैं, तब भी डॉक्टर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानव जीवन की रक्षा में लगे रहते हैं। विद्यार्थियों द्वारा अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों का सम्मान करना उनके भीतर संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास करता है।
समाज को दिया सम्मान और कृतज्ञता का संदेश: यह आयोजन केवल राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन सभी चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक भावपूर्ण प्रयास था, जो दिन-रात लोगों के जीवन की रक्षा में समर्पित रहते हैं।








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