NIC और NCRB के विशेषज्ञों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नई तकनीकी प्रणाली की दी जानकारी, पारदर्शी एवं प्रभावी पुलिसिंग पर जोर
बेगूसराय, 23 जून 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के प्रभावी संचालन तथा Non-CAS पुलिस थानों को Core Application Software (CAS) प्रणाली में सुगमता से स्थानांतरित करने के उद्देश्य से जिला के NIC सभा कक्ष में एक विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को नई तकनीकी व्यवस्था से परिचित कराते हुए डिजिटल पुलिसिंग को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना था।
NCRB विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी: प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पटना द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने CCTNS एवं CAS प्रणाली से जुड़े विभिन्न मॉड्यूल्स की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को Non-CAS से CAS प्रणाली में बदलाव के दौरान शामिल किए गए नए फीचर्स, प्रक्रियाओं और सुविधाओं से अवगत कराया गया।
हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से बढ़ी तकनीकी दक्षता: कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों को CAS प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए विशेष हैंड्स-ऑन तकनीकी प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें डेटा प्रविष्टि, रिकॉर्ड प्रबंधन, सिस्टम संचालन तथा अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अपने दैनिक कार्यों में नई प्रणाली का बेहतर उपयोग कर सकें।
NIC टीम ने संभाला तकनीकी सत्र: तकनीकी सत्रों का संचालन NIC बेगूसराय के जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी मनीष कुमार मिश्रा, अपर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी राज शेखर, नेटवर्क इंजीनियर राजीव कुमार एवं राजेश कुमार ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों की तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए CAS प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।
आधुनिक और नागरिक हितैषी पुलिसिंग की दिशा में कदम: इस अवसर पर CCTNS नोडल पदाधिकारी सुबोध पंडित, डीआरएम ज्योति तथा प्रोग्रामर विवेक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने CAS प्रणाली की उपयोगिता और कार्यकुशलता बढ़ाने वाली विशेषताओं की सराहना की तथा पुलिस सेवाओं को अधिक त्वरित, प्रभावी और नागरिक हितैषी बनाने की प्रतिबद्धता जताई। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक, दक्ष एवं पारदर्शी बनाएंगे तथा डिजिटल पुलिसिंग के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।








Total views : 91565