. बेगूसराय, 8 जून 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिला उद्योग केंद्र सभागार, बेगूसराय में सोमवार को माइक्रो उद्यम विकास कार्यक्रम (MEDP) के तहत 15 दिवसीय मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण विकास समिति, बेगूसराय द्वारा नाबार्ड (NABARD) की योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 30 महिलाओं को शामिल किया गया है।

कार्यक्रम का उद्घाटन आभा कुमारी (जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड), प्रशांत कुमार मिश्र (अग्रणी जिला प्रबंधक), ज्ञानेश्वरी किरण (महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र), श्याम कुमार सहनी (जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी), राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मधुबनी कलाकार कुंदन राय तथा मिथिला क्रिएशंस की प्रशिक्षक नीलू सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को मधुबनी पेंटिंग की पारंपरिक कला में दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कला के विभिन्न आयामों के साथ-साथ विपणन एवं व्यवसायिक संभावनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
नाबार्ड करेगा हरसंभव सहयोग: उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आभा कुमारी ने कहा कि नाबार्ड मधुबनी पेंटिंग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इच्छुक प्रतिभागियों को स्वरोजगार शुरू करने हेतु ऋण उपलब्ध कराने में भी सहायता की जाएगी।
कलाकारों के लिए सरकार की कई योजनाएं: जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि बिहार सरकार कलाकारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें आर्थिक सहायता, बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था तथा पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कलाकारों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कला को बाजार से जोड़ने की जरूरत: राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मधुबनी कलाकार कुंदन राय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कला में सफलता के लिए सीखने की लगन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता के साथ-साथ कलाकारों को अपनी कला को बाजार से जोड़ना होगा, तभी वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे और मधुबनी पेंटिंग का भविष्य भी उज्ज्वल होगा।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगा प्रमाणपत्र और ऋण सुविधा : कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव संजीव प्रियदर्शी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विजय कुमार सिन्हा ने प्रस्तुत किया। आयोजकों ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जो लाभार्थी अपना व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, उन्हें बैंक ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।






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