बेगूसराय, 08 जून 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय जिले की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बखरी प्रखंड के सलौना स्थित ऐतिहासिक रामजानकी ठाकुरबाड़ी परिसर से प्राप्त दो प्राचीन सिंह प्रतिमाओं को सुरक्षित संरक्षण हेतु बेगूसराय संग्रहालय में स्थानांतरित किया गया है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-सहायक संग्रहालयाध्यक्ष श्याम कुमार सहनी ने बताया कि ये प्रतिमाएं लगभग 250 वर्ष या उससे अधिक प्राचीन हैं। माना जा रहा है कि इनका संबंध रामजानकी ठाकुरबाड़ी के निर्माण काल से है। ठाकुरबाड़ी मुगल काल के उत्तरार्ध में निर्मित एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं स्थापत्य धरोहर है, जो लाल पत्थरों की उत्कृष्ट शिल्पकला और बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।

निरीक्षण के दौरान मिली ऐतिहासिक धरोहर: ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि संरक्षण एवं सांस्कृतिक धरोहरों के दस्तावेजीकरण के क्रम में रामजानकी ठाकुरबाड़ी का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान परिसर में एक सिंह प्रतिमा क्षतिग्रस्त एवं उपेक्षित अवस्था में मिली। प्रारंभिक अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि यह प्रतिमा मंदिर के शीर्ष भाग पर स्थापित दो सिंह प्रतिमाओं में से एक थी। इसके बाद विस्तृत खोजबीन की गई, जिसमें दूसरी सिंह प्रतिमा भी परिसर में झाड़ियों और मिट्टी के नीचे दबे हुए अवस्था में प्राप्त हुई। दोनों प्रतिमाओं को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर सुरक्षित रूप से बेगूसराय संग्रहालय पहुंचाया गया।
संग्रहालय में होगा संरक्षण और प्रदर्शन: संग्रहालय प्रशासन द्वारा इन प्रतिमाओं का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, प्रलेखन और रखरखाव किया जाएगा। साथ ही इन्हें संग्रहालय की प्रदर्शनी दीर्घा में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी, शोधार्थी, इतिहासकार और आम नागरिक जिले की इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर का अवलोकन कर सकें।
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: जिला कला एवं संस्कृति विभाग ने इसे बेगूसराय की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। विभाग का मानना है कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत, स्थानीय इतिहास और कला परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।






Total views : 89463