डीएम रिची पाण्डेय और एसपी मनीष ने जारी किया संयुक्त आदेश, पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन घाटों तक तैनात रहेंगे दंडाधिकारी और पुलिस बल
बेगूसराय | 15 अक्टूबर 2026 नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय। शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा पर्व-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए बेगूसराय जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक मनीष ने इस संबंध में संयुक्त आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों, प्रमुख पूजा पंडालों, चौक-चौराहों और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल तथा लाठी बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने, अफवाह फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सप्तमी से बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, विसर्जन तक अलर्ट रहेगा प्रशासन: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 17 अक्टूबर को सप्तमी के अवसर पर पूजा पंडालों के पट खुलने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इसके बाद प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाले जाएंगे। भीड़ नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख पूजा स्थलों पर महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल और दंगा निरोधी दस्ता आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहेंगे। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने तक सतर्क रहकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है।
जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, अवैध चंदा वसूली भी प्रतिबंधित: जिला प्रशासन ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने और उसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। जुलूस एवं अखाड़ों में घातक हथियारों, आग्नेयास्त्रों और प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। पूजा समितियों को पंडाल स्थापित करने और विसर्जन जुलूस निकालने के लिए सक्षम प्राधिकार से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होगा।विवादित स्थलों पर प्रतिमा स्थापित करने या पंडाल निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूजा के नाम पर जबरन अथवा अवैध चंदा वसूली पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अंतरजिला सीमाओं पर चेकपोस्ट के माध्यम से जांच, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और लॉज की निगरानी तथा अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष निगरानी: दुर्गा पूजा के दौरान सोशल मीडिया पर साइबर पेट्रोलिंग के जरिए विशेष नजर रखी जाएगी। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट, भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर प्रशासन कार्रवाई करेगा। धार्मिक भावनाओं को आहत करने या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध आईटी अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें।अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी और आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्यपूजा समितियों को पंडालों का निर्माण अग्निरोधी सामग्री से कराने, विद्युत तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। पंडालों में आकस्मिक निकास द्वार, हेल्प डेस्क और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की व्यवस्था भी करनी होगी। प्रमुख एवं संवेदनशील पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। साम्प्रदायिक भावना को आहत करने वाले पोस्टर, आपत्तिजनक झांकियों और धार्मिक उन्माद फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी।लाउडस्पीकर का उपयोग सक्षम प्राधिकार की अनुमति से निर्धारित समय के भीतर ही किया जा सकेगा। सामान्य परिस्थितियों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति होगी। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और न्यायालयों के आसपास निर्धारित साइलेंस जोन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। अश्लील एवं भड़काऊ गीतों तथा डीजे के उपयोग को लेकर न्यायालय और सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा।
विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर और रोशनी की व्यवस्था: प्रतिमा विसर्जन जुलूस पारंपरिक एवं निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। अनुज्ञप्ति में दर्ज समय का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रमुख विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ की मदद भी ली जाएगी। नदियों में निजी नावों के अनियंत्रित परिचालन पर रोक रहेगी।शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार विशेष प्रबंधन किया जाएगा। इसमें महिला पुलिस, मेरा युवा भारत और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा।अस्पतालों में 24 घंटे सेवा, अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड मेंपर्व के दौरान स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रमुख पूजा स्थलों और विसर्जन घाटों पर चिकित्सक दल, आवश्यक दवाएं और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने को कहा गया है। गांधी स्टेडियम में जिला नियंत्रण कक्ष के सामने दो अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त तेघड़ा, बलिया, मंझौल और बखरी अनुमंडल कार्यालय परिसरों में दो-दो अग्निशमन दल तैनात किए जाएंगे। रावण दहन स्थलों पर भी विशेष अग्निशमन व्यवस्था रहेगी।इसके साथ ही पूजा क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, खराब एवं ढीले तारों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तथा नगर निगम क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई और चूना-ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव का निर्देश दिया गया है।
17 अक्टूबर से 24 घंटे काम करेगा जिला नियंत्रण कक्ष: दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासनिक समन्वय और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन के ऊपरी तल पर जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह 17 अक्टूबर से प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया समाप्त होने तक तीन पालियों में चौबीस घंटे कार्यरत रहेगा।महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:- जिला नियंत्रण कक्ष: 06243-222835- पुलिस नियंत्रण कक्ष: 06243-230519 जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभारी के रूप में अपर समाहर्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राआपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील: जिला प्रशासन ने नागरिकों, पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से दुर्गा पूजा को आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या अवांछित गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को देने का आग्रह किया गया है।प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।






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