नई दिल्ली, 7 मई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” को राष्ट्रगान “जन गण मन” के समान सम्मान और कानूनी संरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाए जाने के बाद देशभर में इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की खबर है।
अपमान पर सजा का प्रावधान संभव: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार “राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम” में संशोधन कर “वन्दे मातरम्” के अपमान या गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने पर विचार कर रही है। यदि यह कानून लागू होता है, तो “वन्दे मातरम्” को राष्ट्रगान के समान कानूनी सुरक्षा प्राप्त हो सकती है।
150वीं वर्षगांठ से जुड़ा विशेष अभियान: सरकार ने वर्ष 2025-26 को “वन्दे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत देशभर में विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। कई राज्यों में सामूहिक गायन कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं।
क्या है “वन्दे मातरम्” का इतिहास?: बंकीम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित “वन्दे मातरम्” पहली बार उनके उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक बना। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे भारत के “राष्ट्रीय गीत” के रूप में स्वीकार किया था।






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