बेगूसराय। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़, 19 जून 2026।
जनवादी लेखक संघ, जिला इकाई बेगूसराय द्वारा हिंदी के प्रख्यात कथाकार एवं साहित्यकार अरुण प्रकाश के स्मृति दिवस पर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ भवन में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘अरुण प्रकाश का साहित्यिक अवदान’ था। इसकी अध्यक्षता अभिनंदन झा ने की, जबकि संचालन डॉ. निरंजन कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत रंगकर्मी कुंवर कन्हैया के जनवादी गायन से हुई।

सेमिनार में वक्ताओं ने अरुण प्रकाश के साहित्यिक योगदान, सामाजिक सरोकारों और हिंदी कथा साहित्य में उनकी विशिष्ट पहचान पर विस्तार से चर्चा की। विषय प्रवर्तन करते हुए युवा पत्रकार पुष्पराज ने कहा कि अरुण प्रकाश बेगूसराय की साहित्यिक विरासत के गौरव थे और उनकी रचनाओं में बिहार की मिट्टी की सोंधी खुशबू महसूस की जा सकती है।
मुख्य वक्ता प्रो. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि अरुण प्रकाश ने अपने समय की छोटी-छोटी सामाजिक अनुगूंजों को अपनी रचनाओं में सहेजा। वहीं, बीएचयू के हिंदी प्राध्यापक डॉ. रामाज्ञा राय ‘शशिधर’ ने कहा कि उनकी कहानियां नई भाषा, नई संरचना और आंतरिक गतिशीलता के कारण विशिष्ट पहचान रखती हैं। जनवादी लेखक संघ, बिहार के सचिव कुमार विनीताभ ने कहा कि अरुण प्रकाश ने संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर साहित्य में फर्श से अर्श तक की यात्रा तय की। वक्ताओं ने उनकी चर्चित कृतियों, साहित्यिक उपलब्धियों और सांस्कृतिक आंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका को भी याद किया।कार्यक्रम में जन संस्कृति मंच के राज्य सचिव दीपक सिन्हा, रंगकर्मी रवि रंजन, चंद्रप्रकाश झा, अनिल पतंग सहित कई साहित्यकारों, पत्रकारों और सांस्कृतिक कर्मियों ने अपने विचार रखे। अंत में वार्ड पार्षद एवं कवयित्री शगुफ्ता ताजवर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।








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