बरौनी। 5 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में सोमवार को APSM महाविद्यालय, बरौनी के शिक्षकों और कर्मचारियों ने काली पट्टी लगाकर काम किया और प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किया गया।
शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध दिनकर विश्वविद्यालय या माता सीता विश्वविद्यालय की स्थापना के खिलाफ नहीं, बल्कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए अपनाए गए विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के प्रावधानों को लेकर है।
अधिनियम वापस लेने समेत पांच मांगें: शिक्षकों और कर्मचारियों ने विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के तहत करने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया में वर्तमान विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शैक्षणिक, प्रशासनिक और कर्मचारी हितों की रक्षा होनी चाहिए। उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्णयों से पहले शिक्षक, कर्मचारी और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करने की मांग भी की गई।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा शिक्षकों-कर्मचारियों के सेवा हितों को प्रभावित करने वाले प्रावधानों को समाप्त करने की मांग रखी गई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी: शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम और उनकी स्मृति के सम्मान से जुड़ा विषय है और वे इसके विरोध में नहीं हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना ऐसी विधिसम्मत और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, जिससे मौजूदा उच्च शिक्षा व्यवस्था और संस्थानों के हित प्रभावित न हों।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने “अधिनियम वापस लें, उच्च शिक्षा व्यवस्था बचाएं” की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा। संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही गई।
महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव डॉ. अब्दुर रहीम ने बताया कि प्रदर्शन संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित किया गया।





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